यूएस में छात्र वीजा नियम सख्त, भारत भी प्रभावित
वाशिंगटन। हाल ही में बोस्टन मैराथन में हुए धमाके के बाद से अमेरिकी सरकार ने छात्रों को दिये जाने वाले वीजा के नियमों को सख्त करने का निर्णय लिया है। इसका प्रभाव बाकी सभी देशों पर पड़ेगा। भारत पर भी, हालांकि इससे नुकसान अमेरिका को होगा, क्योंकि भारत से अमेरिका जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों में पहले ही खासी गिरावट दर्ज हुई है।
सबसे पहले बात करते हैं अमेरिकी आदेश की। नये आदेश के अनुसार अमेरिका वीजा निरीक्षण प्रक्रिया को और सख्त करने जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि दूसरे देशों से आने वालों छात्रों के पास वैध छात्र वीजा है। अमेरिका में प्रवेश करने के मुख्य केंद्र हवाईअड्डे या अन्य और केंद्रों पर अधिकृत सीमा एजेंट प्रत्येक विदेशी छात्र को यह सुनिश्चित करने के लिए सत्यापित करेंगे कि उनके पास वैध छात्र वीजा है।

यहां आने वाले सभी छात्रों की जानकारी स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम में दर्ज की जाएगी। इस नई प्रक्रिया के तहत सीमा एजेंट छात्र के अमेरिका में प्रवेश करने के पहले उड़ान के लिए दर्ज की गई जानकारी की जांच करेंगे और उसका सत्यापन करेंगे।
भारत की बात करें तो 2012 के आंकड़ों के अनुसार 2012-13 के सत्र में अमेरिका में करीब 7,64,495 बाहरी छात्रों ने दाखिला लिया। इससे अमेरिका की अर्थव्यवस्था को 22.7 बिलियन डॉलर का फायदा पहुंचा। यहां सबसे ज्यादा 1,94,029 छात्र चीन से पहुंचे, जबकि भारत से 1,00,270 छात्र अमेरिका पढ़ने गये। हालांकि यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में 3.5 फीसदी कम है।
यानि अमेरिका द्वारा छात्र वीजा में सख्ती किये जाने पर करीब एक लाख छात्रों के साथ-साथ वो लोग भी प्रभावित होंगे, जो इन छात्रों को अमेरिका भेजने में मदद करती हैं और उसक बदले में पैसा कमाती हैं।












Click it and Unblock the Notifications