आम आदमी असुरक्षित तो मुकेश अंबानी को सुरक्षा क्यों?: सुप्रीम कोर्ट

mukesh ambani
नयी दिल्ली। रिलांइस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चीफ मुकेश अंबानी को जेड श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार से जबाव मांगा है। सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को सुरक्षा क्यों प्रदान की जा रही है जबकि आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

कोर्न्याट से केन्द्र के निर्णय पर उसकी खिंचाई कर ते हुए कहा कि देश में सुरक्षा की कमी के कारण ही यहां आम नागरिक असुरक्षित हैं। ऐसे में खास को सुरक्षा क्यों दिया जाए। कोर्ट ने दलील देते हुए कहा कि यदि राजधानी में समुचित सुरक्षा होती तो पांच साल की बच्ची से बलात्कार नहीं होता। न्यायालय ने कहा कि अमीर लोग निजी सुरक्षाकर्मियों की सेवाएं ले सकते हैं। फिर सरकार उन्हें सुरक्षा क्यों दे। सरकार के लिए आम आदमी कि सुरक्षा ज्यादा अहमियत रखती है।

न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अंबानी का नाम लिए बगैर ही कहा, ‘हमने अखबारों में पढ़ा कि गृह मंत्रालय ने एक व्यक्ति को केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। सरकार ऐसे शख्सियतों को सुरक्षा क्यों प्रदान कर रही है।

कोर्ट ने दलील दी कि अगर उनकी सुरक्षा को खतरे का अंदेशा है तो उन्हें निजी सुरक्षाकर्मियों की सेवाएं लेनी चाहिए। पंजाब में निजी कारोबारियों को सुरक्षा प्रदान की जाती है लेकिन अब यह संस्कृति मुंबई तक पहुंच गयी है।' न्यायालय ने कहा, ‘हमारा किसी व्यक्ति विशेष को सुरक्षा प्रदान करने से कोई सरोकार नहीं है लेकिन हम तो आम आदमी की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

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