भूकंप के झटकों से हिला उत्तर भारत, 1 की मौत
नई दिल्ली/किश्तवाड़। जम्मू एवं कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बुधवार को आए 5.8 की तीव्रता के भूकंप से एक व्यक्ति की मौत हो गई। भूकंप के झटके राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। श्रीनगर, जम्मू, शिमला, चडीगढ़ और पंजाब एवं हरियाणा से भूकंप के झटके महसूस किए जाने की जानकारी मिली है।जम्मू एवं कश्मीर के किश्तवाड़ से एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी मिली है।
दिल्ली स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भूकंप विज्ञान विभाग के निदेशक आर.एस. दत्तात्रेय ने आईएएनएस से कहा, "झटके दोपहर 12.27 बजे महसूस किए गए और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.8 मापी गई। इसका केंद्र जम्मू एवं कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की सीमा क्षेत्र में किश्तवाड़ कस्बे के समीप था।" दत्तात्रेय ने कहा, "दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य इलाके में हल्के झटके महसूस किए गए। हमने लोगों को घबराने से मना किया है।"

आईएमडी के महानिदेशक (मौसम विज्ञान) एल.एस. राठौर ने कहा, "भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से 10 किलोमीटर नीचे था। हल्की तीव्रता वाले भूकंप के बाद के झटकों की आशंका काफी कम है।" जम्मू में मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "भूकंप का सबसे ज्यादा असर डोडा और किश्तवाड़ जिले में महसूस किया गया।" डोडा-किश्तवाड़ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अश्कूर वानी के मुताबिक किश्तवाड़ के समीप चट्टान की ठोकर से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
वानी ने कहा, "बकरी चरा रहे गोसाईं राम की पहाड़ से लुढ़के चट्टान की ठोकर लगने से मौत हो गई।" अधिकारियों ने बताया कि डोडा जिले के भद्रवाह कस्बे में तीन स्कूल भवनों के ढह जाने से 23 छात्रों समेत 29 लोग घायल हो गए। डोडा जिले के ही गंदोह इलाके में एक स्कूल भवन के ढह जाने से 20 स्कूली बच्चों समेत 24 लोग घायल हो गए।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, हरियाणा और पंजाब के अधिकांश हिस्से में छह से सात सेकंड तक भूकंप महसूस किया गया। इससे कुछ स्थानों विशेष कर पहाड़ी इलाके में दहशत फैल गई, जहां कुछ जगहों पर घरों और इमारतों में दरारें पड़ गईं। जम्मू क्षेत्र के भद्रवाह, डोडा और किश्तवाड़ जिलों से आवासीय मकानों एवं कार्यालयों की दीवारों में दरारें पड़ने एवं संचार के माध्यम बाधित होने की जानकारी मिली है। फिलहाल नुकसान का विस्तृत ब्योरा नहीं मिल पाया है।
जम्मू में एक अधिकारी ने कहा, "हमें कई इमारतों में बड़ी दरारें पड़ने जबकि चतरू, ताथरी और भद्रवाह में कच्चे मकानों के ढहने की खबर मिली है।" उन्होंने कहा कि प्रशासन जानकारियां जुटा रहा है। कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और अन्य हिस्से में लोग अपने घरों एवं कार्यालयों से बाहर निकल आए। हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के पुलिस उपायुक्त संदीप कदम ने आईएएनएस को फोन पर बताया कि पांगी और तिसा में कुछ घरों की दीवारों में दरार पड़ने की खबर है। उत्तर भारत में अप्रैल महीने में ही दो झटके महसूस किए गए थे। 24 अप्रैल को 5.7 तथा 16 अप्रैल को 7.8 तीव्रता का भूकम्प आया था जिसका केंद्र क्रमश: हिंदूकुश और पाकिस्तान-ईरान क्षेत्र था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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