1984 सिख विरोधी दंगा- कांग्रेस नेता सज्जन कुमार पर फैसला आज

1984 में हुए इस दंगें में कांग्रेस नेता समेत इन 6 आरोपियों पर छावनी इलाके में सिख समुदाय के खिलाफ साजिश रचने और और भीड़ को उकसाने का आरोप है। 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद शुरू हुए इस दंगे में कई लोगों की जान गई थी। आज कोर्ट इस दंगें में मरने वाले पांच सिखों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुविंदर सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से जुड़े मुकदमे पर अपना फैसला सुनाएगी। ये लोग एक ही परिवार के सदस्य थे और इन्हें दिल्ली छावनी के राजनगर क्षेत्र में भीड़ ने मार डाला था।
इस मामले में बाहरी दिल्ली के कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार के अलावा बलवान खोकर, किशन खोकर, महेंद्र यादव, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल पर आज फैसला आ सकता है। जिला न्यायाधीश जेआर आर्यन ने सीबीआई और आरोपी के वकीलों की दलीलें पूरी होने के बाद 16 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। यदि भादंसं की धारा 302 के तहत दोष साबित होता है तो आरोपी को न्यूनतम उम्रकैद और अधिकतम मौत की सजा हो सकती है।












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