फर्नांडीज, शाहरुख को नहीं पहचाना, आज़म क्या चीज़ हैं?

इसीलिए चाहे कोई फिल्मी सितारा हो या नेता वह किसी को पूरी जांच (जिसमें कपड़े भी उतरवाते है) किए बगैर अमेरिका के अंदर प्रवेश नहीं करने देते। वह कोई भारत नहीं है कि आप समुद्र के रास्ते मुंबई में दाखिल हो जाए या बांगलादेश और नेपाल से कोई भी चाहे तो भारत में आ जाए। वह 9/11 के बाद अपने देश की रक्षा को सर्वोच्य मानते है। किसी देश का राजनयिक नाराज होगा और मामला ज्यादा तूल पकड़ेगा, तो अमेरिकी विदेश विभाग माफी मांग लेगा लेकिन देश की सुरक्षा के साथ वह कभी समझौता नही करते। आजम खां अपने साथ हुए सलूक से आहत भले ही हो लेकिन अमेरिका के इस जस्बे को सभी को सलाम करना चाहिए कि सुरक्षा के नाम पर वह किसी को नहीं छोड़ते।
एक बात और आजम खां के साथ अखिलेश भी गए थे और मुख्य सचिव जावेद उस्मानी, उनकी तो उन्होंने साधारण जांच की। क्योंकि एयरपोर्ट अधिकारियों को ऐसे आदेश मिले होते है। भारत सरकार क्योंकि इस समय सपा के समर्थन से चल रही है और आजम खां उप्र में मुस्लिम मतदाताओं पर एक खास असर रखते है इसलिए भारत सरकार ने बोस्टन में लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आजम खान से पूछताछ किए जाने को अमेरिकी विदेश विभाग के समक्ष उठाया है। अभी विदेश विभाग ने अमेरिकी विदेश विभाग से सिर्फ इतना पूछा है कि क्या वह इस घटना से वाकिफ है। यानी विरोध या रोष जताने की जहमत अभी भारत सरकार ने नहीं उठाई है। गौरतलब है कि आजम खां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ वहां गए थे, जो इलाहाबाद में हाल में संपन्न हुए महाकुंभ मेला पर हॉवर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने जा रहे थे।












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