आज जयपुर की सड़क पर इंसान भी मरा और इंसानियत भी

जयपुर में एक दर्दनाक हादसा हुआ। जिसने भी इस हादसे की तस्वीरें देखी उसका सिर शर्म से झुक गया। रविवार दोपहर ढाई बजे जयपुर की घाट गुणी सुंरग में एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। । इस बाइक पर कन्हैयालाल का पूरा परिवार सवार था। हादसे में बाइक पर सवार उसकी पत्नी और 10 महीने की बेटी की मौत हो गई जबकि कन्हैयालाल और उसका 5 साल का मासूम बेटा घायल हो गए। हादसा का ये सारा वाक्य सीसीटीवी में कैद हो गया। लेकिन इस में हादसे के साथ-साथ लोगों की संवेदनहीनता भी कैद हो गई।
हादसे के बाद जख्मी बेटा बिलखने लगा। सुरंग में हुए हादसे के बाद कन्हैयालाल तड़पता रहा, जख्मी बेटा बिलखता रहा, 10 महीने की मासूम आरुषि अपनी मां के साथ दम तोड़ चुकी थी लेकिन गाड़ियों का काफिला सिर्फ वहां से गुजरता गया, गुजरता ही गया। लेकिन वहां से गुजरने वाली एक भी गाड़ी वहां नहीं रुकी। इंसानियत किस कदर तक लोगों के मन से मर चुकी है इसका सबूत आज इस घटना ने दे दिया। मासूम बच्चा अपने मां और बहन के लिए रोता रहा, लेकिन किसी ने उसकी मदद को नहीं सोची। गाड़ियां वहां से गुजरती रही और मासूम बिलखता रहा। पूरा परिवार घेटों तक मदद मांगता रहा लेकिन शहर तो जौसे मर चुका था। कोई सामने नहीं आया। किसी ने अपनी गाड़ी की रफ्तार तक कम कर उन्हें देखने की कोशिश नहीं की।
काफी देर तक जब कोई मदद को सामने नहीं आया तो बाद में वहां से गुजर रहे कुछ बाइक सवारों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और घायलों को अस्पताल में दाखिल कराया। पुलिस ने बताया कि जिस ट्रक ने बाइक को टक्कर मारी उसपर हरियाणा का नंबर था और उसकी तलाश के लिए नाकेबंदी कर दी गई है। लेकिन यहां सवाल सोच का है, मानवता का है।












Click it and Unblock the Notifications