निष्कासित नेताओं को फिर मिल रही बसपा में ठौर

लखनऊ। लोकसभा चुनावों की आहट की गहमा-गहमी के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में उन नेताओं की घर वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है, जो भ्रष्टाचार व आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोपों व अन्य कारणों से पार्टी से निष्कासित कर दिए गए थे। कई नेता पहले ही पार्टी में वापस आ चुके हैं, तो कई घर वापसी के लिए वरिष्ठ नेताओं के जरिए बसपा प्रमुख मायावती से सम्पर्क साधकर अपनी वापसी की राह प्रशस्त करने में लगे हैं। वापसी करने वाले लगभग सभी नेता 2014 का लोकसभा चुनाव लड़कर सांसद बनना चाहते हैं।

इस सूची में सबसे पहला नाम पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री राकेश धर त्रिपाठी का है जिन्होंने गत जनवरी माह में बसपा में वापसी की। उनकी वापसी के ठीक बाद उनके भतीजे पंकज त्रिपाठी को बसपा नेतृत्व ने हंडिया सीट के उप चुनाव में पार्टी उम्मीदवार बनाया गया। त्रिपाठी आगामी लोकसभा चुनाव में प्रतापगढ़ संसदीय सीट से बसपा के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। त्रिपाठी को पिछले साल जनवरी में मायावती ने बसपा से बाहर कर दिया था, जब लोकायुक्त ने उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को सही पाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी।

पूर्ववर्ती मायावती सरकार के एक और मंत्री अनीस अहमद खान भी हाल ही में बसपा में फिर से शामिल कर लिए गए हैं। खान को विधायक निधि में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। 10 साल पहले मायावती का साथ छोड़ने वाले पूर्व मंत्री आऱ के. चौधरी भी बसपा में वापस आ गए हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्हें मोहनलाल गंज सीट से लोकसभा चुनाव में उतारा जा सकता है। वह इस सीट से पहले भी दो बार विधायक रह चुके हैं।

बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी की परम्परा के अनुसार बसपा प्रमुख मायावती ही इसका औपचारिक ऐलान करेंगी। फैजाबाद के बीकापुर से पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू भी बसपा में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। बबलू पर कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के घर आगजनी करने का आरोप है।

बीते विधानसभा चुनाव में बसपा से टिकट न मिलने पर उन्होंने पीस पार्टी का दामन थाम लिया। लेकिन अब बदली परिस्थितियों में उन्हें फिर से बसपा में ठौर मिल गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बबलू को फैजाबाद सीट से बसपा लोकसभा चुनाव के मैदान में उतार सकती है।

महोबा से पूर्व विधायक राकेश गोस्वामी को विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में मायावती ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। लेकिन अब उन्हें फिर से वापस ले लिया गया है। चर्चा है कि उन्हें हमीरपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है। बसपा में इन नेताओं की वापसी के सवाल पर पार्टी के एक पदाधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती बहुत दयालु हृदय की हैं। बहन जी केवल उन्हीं नेताओं को वापस पार्टी में ले रही हैं, जिन्होंने अपनी गलतियों के लिए उनसे माफी मांगी है।

वापसी करने वाले नेताओं, जिसमें से कुछ आपराधिक छवि के भी हैं, को टिकट देने के सवाल पर पार्टी पदाधिकारी ने कहा कि ऐसे निर्णय लेने के पीछे संबंधित नेता की जिताऊ छवि प्रमुख आधार होती है। वहीं राजनीतिक विश्लेषक एच़ एऩ दीक्षित ने कहा कि विधानसभा चुनाव बुरी तरह से हारने वाली मायावती अब आगामी लोकसभा चुनाव में हर हाल में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर केंद्र में अपनी भूमिका महत्वपूर्ण करना चाहती हैं। इसीलिए वह उन जिताऊ नेताओं पर दांव लगाने से परहेज नहीं करती दिख रही हैं जिनकी छवि आपराधिक और भ्रष्ट नेता की है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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