लेफ्ट नेता की मौत पर सीएम ममता ने जताया अफसोस

दरअसल कोलकाता में कॉलेजों की छात्र यूनियनों के चुनाव स्थगित करने के ममता सरकार के फैसले के खिलाफ मंगलवार को छात्र संगठन के कार्यकर्ता 'कानून तोड़ो' नाम से प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र इकाई एसएफआई के कुछ कार्यकर्ताओं को लाठीचार्ज के बाद गिरफ्तार किया गया था। इनमें छात्र नेता सुदीप्तो गुप्ता भी शामिल था। जब इन प्रदर्शनकारी छात्रों को जेल ले जाया जा रहा था, तब सुदीप्तो का सिर एक खंभे से टकरा गया और बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद छात्र संगठन एसएफआई ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि बस में काफी बड़ी संख्या में छात्रों को भर दिया गया था, जिससे यह हादसा हुआ।
वहीं पुलिस इसे एक हादसा ता रही है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद जब इन्हें थाने ले जाया जा रहा था उस वक्त सुदीप्तों ने बस से अपना सिपर बाहर निकल रखा था। उसका सिर बहर खंभे से टकराया और ये हादसा हो गया। मकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी छात्र नेता की मौत पर अफसोस जताया है और कहगा है कि एसएफआई छात्रनेता की मौत पुलिस की हिरासत में हुई है, इसलिए इस मौत के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाने की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुदीप्तो गुप्ता की मौत के मामले में पुलिस ने बस के ड्राइवर राजू दास को गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही से बस चलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले, पुलिस ने दावा किया था कि सुदीप्तो की मौत बस से गिरने के कारण हुई, जबकि एसएफआई का आरोप है कि उसकी मौत पुलिस लाठीचार्ज में घायल होने की वजह से हुई। छात्र नेता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा की उसकी मौत की असली वजह क्भीया थी।












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