आतंक के खिलाफ हैं मुलायम तो क्यों दबी है रिपोर्ट
लखनऊ। मुलायम सिंह संसद में चीख-चीख कर कह रहे थे कि वो आतंकवादियों को संरक्षण नहीं देते है लेकिन आरटीआई के तहत मांगी गई एक जानकारी में यह पता चला है कि पांच साल पहले लखनऊ में हुए विस्फोट की जांच के लिए बने निमेष आयोग की रिपोर्ट को राज्य सरकार ने अभी तक गृह मंत्रालय को नहीं भेजा है। आतंकवाद को जड़ से खत्म करने और इस मुददे पर सख्ती का दावा करने वाली उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार इन मामलों की जांच में कितना सजग है उसका अंदाजा निमेश आयोग की जांच रिपोर्ट से ही पता चलता है।
आज से साढे पांच साल पहले यानी 23 सितंबर 2007 को लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद कोर्ट में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के बाद पकड़े गए कथित आरोपी तारिक और खालिद की गिरफ्तारी की जांच के लिए गठित निमेश आयोग की रिपोर्ट आज तक गृह विभाग के पास नहीं पहुंच सकी। इसका खुलासा जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई एक जानकारी से हुआ है। गृह विभाग के अनुसचिव इन्द्र राज सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

गौरतलब है कि तीन जिलों में हुए कचहरी बम ब्लास्ट के बाद तत्कालीन बसपा सरकार ने 14 मार्च 2008 को निमेश आयोग का गठन किया था। ब्लास्ट में कथित रूप से शामिल दोनों अल्पसंख्यक युवकों की गिरफ्तारी की जांच करने के लिए बनायी गयी जस्टिस आरव डीव निमेश आयोग की रिपोर्ट अखिलेश सरकार को 31 अगस्त 2012 को सौंप भी दी गयी थी। लेकिन साढे पांच साल होने के बावजूद रिपोर्ट गृह विभाग तक नहीं पहुंच सकी। आखिर रिपोर्ट कहां है...इस बात की पड़ताल के लिए आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा ने 23 नवंबर 2012 को उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के जन सूचना अधिकारी के तहत निमेश आयोग की रिपोर्ट एवं उस रिपोर्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गयी कार्यवाहियों के सम्बन्ध में पांच बिन्दुओं पर सूचना मागीं।
इसके अलावा 26 नवंबर 2012 को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के कार्यालय के जन सूचना अधिकारी से भी निमेश आयोग की रिपोर्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किये गए शासनादेशों की प्रतियाँ माँगी थीं। मुख्य सचिव के कार्यालय के जन सूचना अधिकारी ने मेरा प्रार्थना पत्र गृह विभाग को स्थानांतरित कर दिया था। 30 दिनों से अधिक में सूचना न मिलने पर उर्वशी ने 7 जनवरी 2013 को गृह विभाग को भी अपील भेजी।
इसके बाद गृह विभाग के जन सूचना अधिकारी एवं अनुसचिव इंद्र राज सिंह ने आरटीआई का जो जवाब दिया वह काफी चौंकाने वाला था। श्री सिंह ने जवाब में कहा है कि निमेश जांच आयोग की रिपोर्ट गृह मंत्रालय में प्राप्त नहीं हुई है। अब कारण चाहे जो भी हो पर गृह विभाग के एक जवाब से सरकार द्वारा निमेश जांच आयोग की रिपोर्ट अभी तक गृह मंत्रालय तक न पंहुचा पाने से सरकार की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगना लाजमी है।












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