देश के लिए फिट नहीं है 'मोदी का मॉडल': प्रकाश करात
पटना। भले ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र दामोदर मोदी अमेरिका और कनाडा के प्रवासी भारतीयों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहें कि उनके लिए धर्मनिरपेक्षता का मतलब होता है इंडिया फर्स्ट। लेकिन देश की राजनीतिक पार्टियां मोदी की इस बात से अंसतुष्ट हैं। उल्टा उन्हें मोदी के काम करने के रवैये और तरीके पर भी शक है।
रविवार को पटना में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीएम) महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि मोदी का मॉडल कभी भी देश का मॉडल नहीं बन सकता है। करात ने कहा कि जिस गुजरात की बात मोदी करते हैं वो प्रदेश के औद्योगिक घरानों से जुड़ा हुआ है ना कि प्रदेश की अम जनता है।
गुजरात की आम जनता आज भी अपनी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रही है। इसलिए मोदी की मॉडल देश का कैसे हो सकता है क्योंकि विकास का मतलब तो सर्वांगीण होता है ना कि सतही से ।
वैसे यह कोई पहला मौका नहीं है जब मोदी मॉडल पर प्रश्न खड़े किये गये हैं इससे पहले भाजपा के पूर्व नेता गोविंदाचार्य भी इस तरह की बात कर चुके हैं।करात का यूं पटना जाकर मोदी के बारे में उल्टा बोलना कई राजनीतिक सवाल खड़ा करता हैं क्योंकि मोदी के खिलाफ बोलकर हो सकता है कि वो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुश करना चाहते हों, जिसके आने वाले राजनीति समीकरणों पर फर्क पड़ सकता है।













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