भाजपा मोदी को पीएम पद का नेता क्यों बनाये?
नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव में जहां भाजपा एक बार फिर से सत्ता का स्वाद चखने को बेकरार है वहीं उसके सामने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार साबित करने की मजबूरी भी है। उसके पास मोदी का दूसरा विकल्प भी नहीं हैं। गुजरात में हैट्रिक करने वाले सीएम मोदी ने साबित कर दिया है कि वो अकेले दम पर सत्ता हासिल कर सकते हैं।
विकास की बात करने वाले और नई तकनीकियों को पसंद करने वाले नेता मोदी की बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में जमकर तारीफ भी हो रही है। खुद पार्टी अध्यक्ष ने उनके नाम के कसीदे पढ़े हैं। वहीं महाकुंभ से लेकर विश्व हिंदू परिषद की बैठक में भी केवल मोदी राग सुनाया गया है।
भाजपा यह भली भांति जानती है कि अब वक्त आ गया है कि वो अपने उम्मीदवार की घोषणा करे ताकि एक बार फिर से लोकसभा चुनाव में कमल को विरासत मिले। इसलिए तमाम विरोधों के बावजूद मोदी को आगे करना उसकी मंशा भी है और मजबूरी भी।
आईये आपको बताते हैं वो 10 बड़े कारण जो मोदी को पीएम पद के लिए एकदम उप्युक्त बताते हैं।

भाजपा का लोकप्रिय चेहरा
तीन बार गुजरात की सत्ता अपने दम पर दिलाने वाले नरेन्द्र मोदी को पूरा भारत जानता है। पार्टी में कोई भी अकेला नेता नहीं है जो एक साथ जन समूहों को एकत्र कर पाये। मोदी की कही बातें लोग भले ना माने लेकिन सुनते जरूर हैं।

मोदी-अटल एक जैसे
गुजरात की हैट्रिक के बाद लोग मोदी की तुलना भाजपा के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी से करने लगे हैं। मोदी भी अटल बिहारी बाजपेयी की ही तरह अपने उसूलों के पक्के हैं। उनके भी कुछ आदर्श हैं जो लोग पसंद करते हैं।

राजनाथ के चहेते मोदी
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के भी चहेते मोदी हैं जिनके कारण मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार आसानी से बनाया जा सकता है। क्योंकि अगर अध्यक्ष समर्थन करे तो पार्टी के प्यादे क्या कर सकते हैं।

फैसला लेने वाले मोदी
मोदी मे वो साहस है कि जिसकी वजह से वो मुश्किल परिस्थितियों में फैसला ले सकते हैं। चाहे केन्द्र सरकार विरोध करे या फिर उनकी खुद की पार्टी वो अपने फैसले खुद लेते हैं

पार्टी दिग्गजों की पसंद मोदी
मोदी को पार्टी के वरिष्ठ और ताकतवर नेताओं का समर्थन मिला हुआ है जिसके चलते अगर मोदी को पीएम पद का नेता घोषित नहीं किया जाता है तो पार्टी को दिग्गजों की विरोध का सामना करना पड़ सकता है जो कि पार्टी के लिए हानिकारक होगा।

मुस्लिम समर्थकों का साथ
साल 2002 के गोधरा महातांडव को शायद आज का मुस्लिम युवा भूल चुका है। वो भी मोदी को पसंद करने लगा है जो कि गुजरात चुनावों में साफ हो गया है। यह मोदी का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू है।

मोदी को मुस्लिम दिग्गजों का समर्थन
केवल युवा ही नही मु्स्लिम कद्दवार नेता मदनी ने भी मोदी का तारीफ की है जिससे मोदी का सफर आसान हो गया है। मुस्लिम समर्थक भी मोदी को पसंद करते हैं।

उद्दयोगपतियों की भी पसंद मोदी
मुकेश अंबानी जैसे उद्योगपति मोदी के कसीदे पढ़ रहे हैं जिससे साबित होता है कि केवल राजनीतिक गलियारों में ही मोदी राग नहीं अलापा जाता बल्कि पूंजिपतियों की भी नजर में मोदी बेस्ट हैं।

दूसरी पार्टियों की भी पसंद मोदी
भाजपा ही नहीं बल्कि मोदी को दूसरी पार्टियां भी पसंद करती हैं। चाहे शिवसेना हो या फिर मनसे हर कोई मोदी की बात सुनता है और मानता भी है।

युवाओं की पसंद
लैपटॉप और टैबलेट को पसंद वाला भारतीय युवा मोदी का फैन है क्योंकि मोदी मंच से केवल भाषण देना ही नहीं जानते बल्कि उन्हें इंटरनेट की ताकत भी पता है जो कि भारतीय युवाओं को उनके करीब ले आता है।












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