तय वक्त पर काम न करने सरकारी बाबुओं पर लगेगा जुर्माना

सरकार ने भले ही इस बिल को मंजूरी दिये जाने में काफी लंबा वक्त लगा दिया हो लेकिन इस बिल के पास होने के बाद से सरकारी दफ्तरों में बैठे बाबुओं की मुसीबतें बढ़ गई है। कैबिनेट से वक्त पर सेवा देने के बिल को आखिरकार मंजूरी मिलने के बाद अब सरकारी महकमों तथा अन्य प्रतिष्ठानों में तय वक्त पर काम नहीं होने पर जुर्माना लगेगा। आम जनता को राहत देते हुए सरकार ने पेंशन, पासपोर्ट, जाति प्रमाणपत्र, राशन कार्ड और टैक्स रिफंड जैसे कई सरकारी विभागों को इसमें शामिल किया है इस विभागों को तय समय सीमा के अंदर लोगों को उनका काम करके देना होगा। अगर अधिकारी ऐसा नहीं करते है तो उन्हें सरकार द्वारा तय किया गया जुर्माना भरना होगा।
जुर्माने का स्वरूप कैसा होगा और कितना जुर्माना लगाया जाएगा इस बात को भारत सरकार के गृह, कार्मिक और कानून मंत्रालय तय करेंगे। फिलहाल सरकारी अधिकारी द्वारा तय समयसीमा के अंदर काम खत्म नहीं करने पर प्रतिदिन के हिसाब से 250 रुपए देने होंगे। अगर सेवा समय पर नहीं दी जाती तो जुर्माना बढ़ाकर 50,000 तक किया जा सकता है।
गौरतलब है को सामजसेवी अन्ना हजारे ने अपने आंदोलन के दौरान इस बात पर खास जोर दिया था कि लोकपाल बिल के तहत सिटीजन चार्टर को शामिल किया जाए ताकि आम जनता परेशान होने के बजाय तय समयसीमा के भीतर अपना काम करवा सके। अन्ना के साथ-साथ राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सदस्य अरुणा रॉय ने भी नागरिक शिकायत निवारण विधेयक का स्वागत करते हुए कहा था कि सरकार के कामकाज से संबंधित जनता की शिकायतों के निवारण के लिए एक स्वतंत्र विधेयक जरूरी है।












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