Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

मोदी ने कहा ग्रोथ स्ट्रेटेजी और विजन का अभाव है बजट में

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन्द्र सरकार के आम बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस शासित यूपीए सरकार और भारत की जनता के बीच कोई संबंध नहीं रहा, यह बजट इस बात का दस्तावेज है। भारत की सर्वांगीण अर्थव्यवस्था और विकास के लिए जरूरी ग्रोथ स्ट्रेटेजी एवं विजन के अभाव वाले इस आम बजट और बारहवीं पंचवर्षीय योजना के बीच किसी प्रकार का समन्वय ही नहीं है।

मोदी ने कहा कि कांग्रेस शासित यूपीए सरकार के कार्यकाल के इस अंतिम बजट में देश के विकास के लिए जनता के सपनों की कोई झलक नजर नहीं आती। ऐसा लग रहा है मानों यूपीए सरकार एक साल का समय बीताने के अलावा जनता के साथ कोई संवेदना नहीं रखती। भारत की अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए और वर्तमान समस्याओं के निराकरण के लिए विश्वसनीय कदम उठाने तथा राजनैतिक इच्छा शक्ति के जरिए दीर्घकालिक विकास का आखिरी मौका भी घोटालों, प्रशासनिक अक्षमता और लकवाग्रस्त नीतियों से घिरी यूपीए सरकार ने खो दिया है।

Gujarat chief minister Narendra Modi

उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी का रोना रोने से भारत की अर्थव्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। महंगाई में पिस रही देश की जनता के सामने मुंह बाएं खड़ी विकराल समस्याओं के निराकरण के लिए निर्णायक और साहसिक कदम उठाने के बदले केन्द्र सरकार के इस बजट ने देश की जनता को निराशा और हताशा के गर्त में धकेल दिया है। भारतीय अर्थतंत्र की जीडीपी विकास वृद्धि के लिए आवश्यक वित्तीय अनुशासन का व्यवस्थापन, गैरविकासलक्ष्यी खर्चों पर नियंत्रण और किफायत की कार्ययोजना, राजकोषीय घाटा कम करने की वित्तीय व्यूहरचना की कोई प्रतीति इस बजट में नहीं होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व का सबसे युवा देश होने के बावजूद, देश के करोड़ों युवाओं को विकास में प्रेरित करने की बात तो दूर रही, उनके कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण के अवसरों के लिए हास्यास्पद प्रावधान कर युवा शक्ति की घोर उपेक्षा की गई है। सामाजिक सेवाओं और ढांचागत सुविधाओं के लिए पूंजीनिवेश हासिल करने की किसी प्रकार की गंभीरता बजट में नजर नहीं आती।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का अर्थव्यवस्थापन दिवालिया है और देश के राज्यों की कुल देनदारी से भी ज्यादा देनदारी का बोझ केन्द्र का है। लेकिन केन्द्र सरकार राज्यों को विकास के लिए प्रोत्साहित करने के बजाय भेदभाव और वोटबैंक की राजनीति करते हुए जानबूझकर निरुत्साहित करती है। राज्यों के केन्द्र की अर्थव्यवस्था में योगदान को प्रेरित करने के लिए कोई नीतिदर्शन इसमें दिखाई नहीं पड़ता। कृषि विकास, ग्राम विकास, गरीब एवं वंचितों के विकास और जीवन सुधार के लिए कोई ठोस प्रतिबद्धता भी बजट में दृष्टिगोचर नहीं होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर, यूपीए-२ सरकार की पांच वर्षों की प्रशासनिक अकर्मण्यता (नॉन परफॉर्मेंस ऑफ गवर्नेंस) का यह जीता-जागता दस्तावेज है जिसने आम आदमी को सिवाय घोर निराशा के और कुछ नहीं दिया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+