राहुल और सोनिया दोनों में ही हिंदुस्तानी डीएनए नहीं: बाबा रामदेव
बाबा रामदेव के ट्रस्ट द्वारा हिमाचल प्रदेश में ली गई जमीन का करार वीरभद्र सरकार ने रद्द कर दिया है। यह जमीन सन 2010 में भाजपा सरकार द्वारा ट्रस्ट को आवंटित की गई थी जिस पर अब तक लगभग 10 करोड़ रूपये का निवेश किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि यह जमीन संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन कर आवंटित की गई है। ऐसे में यह अनुमान लगाये जा रहे हैं कि कांग्रेस के खिलाफ बोलना बाबा रामदेव को महंगा पड़ गया है। बाबा रामदेव ने वर्तमान सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बार आंदोलन भी किये हैं साथ ही उन्होने जनता को एक राजनैतिक विकल्प देने की भी बात की थी। हालांकि इस संबंध में उन्होने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
बाबा रामदेव के ट्रस्ट 'पतंजलि योगपीठ' पर अब अवैध तरीके से धन अर्जित करने के आरोप लगाये जा चुके हैं। जांच एजेंसियों ने भी बाबा की सम्पत्ति की जांच की है। हालांकि अवैध प्रकार से धन बनाने की बातों का बाबा रामदेव ने हमेशा से ही खंडन किया है और उनका कहना है कि यह धन जनता का है और जनता की भलाई के लिए ही इस्तेमाल किया जा रहा है।
बाबा रामदेव ने लोकसभा चुनाव 2014 में अपनी राजनैतिक पार्टी के उम्मीदवारों को उतारने के बारे में इंगित किया था।













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