"आतंकियों का असली निशाना था हैदराबाद का साईं मंदिर"
बताया जा रहा है जिस समय धमाका हुआ है उससे मात्र 23 मिनट पहले ही पुलिस कमिश्नर वहां पहुंचे थे। आतंकवादियों का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को मारने का था। गुरूवार को साईं मंदिर में रोज की अपेक्षा ज्यादा भीड़ होती है इसलिेए आंतकवादियों ने इस दिन को चुना था। वैसे आपको बता दें कि साल 2002 में भी साईं मंदिर में धमाका हो चुका है।
इस घटना से पूरा देश हिल गया है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। तो वहीं अभी तक ना तो गृहमंत्रालय इस मामले में कोई खुलासा कर पाया है और ना ही पुलिस किसी नतीजे पर पहुंची है।
वहीं इस मामले पर राजनीति गर्मा गयी है। विपक्ष केन्द्र सरकार को कोसे जा रहा है तो वहीं शिंदे ने यह कहकर सबको चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं कि जांच जारी है और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।
यही नहीं अभी तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है? किसी भी आतंकी संगठन ने इस मामले में जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं शक की सुई इंडियन मुजाहिद्दीन के आस-पास घूम रही है। इसलिए तिहाड़ जेल में बंद इंडियन मुजाहिद्दीन का आतंकी महबूब से भी लंबी पूछताछ की गयी है जिसने यह बताया है कि पिछले साल इंडियन मुजाहिद्दीन ने हैदराबाद की रेकी की थी।













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