कॉर्पोरेट या कांग्रेस- किसे चाहिये थी अरुण जेटली की कॉल डीटेल?
नई दिल्ली (वनइंडिया ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद अरुण जेटली के फोन की कॉल डीटेल के मामले में दिल्ली पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस को सभी आरोपियों की कस्टडी चाहिये, ताकि वो उनसे पूछताछ कर सके, इसके लिये कोर्ट में केस चला गया है। पुलिस अपना काम कर रही है, कोर्ट अपना। एक बड़ा सवाल भाजपा कार्यालय से लेकर एसीपी के दफ्तर तक घूम रहा है। वो है अरुण जेटली की कॉल डीटेल्स किसे चाहिये थी- कांग्रेस या कॉर्पोरेट?
कॉर्पोरेट और कांग्रेस का नाम लेने के पीछे दो बड़े तथ्य हैं। पहला कि पुलिस ने इस मामले में नीरज राम को गिरफ्तार किया है। नीरज एक प्राइवेट डिटेक्टिव है और शहादरा का रहने वाला है। पिछले कई सालों से यह कॉर्पोरेट कंपनियों के लिये काम कर रहा है। इनके अलावा अनुराग सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अनुराग और उसके साथी नितेश को भी गिफ्तार किया। असल में नितेश ही अनुराग से कॉल डिटेल लेता था। पुलिस ने फिलहाल अनुराग ओर नितेश की पहचान का खुलासा नहीं किया है।
अब सवाल यह उठता है कि अगर नीरज किसी कॉर्पोरेट कंपनी के लिये यह काम कर रहा था, तो निश्चित तौर पर कोई कंपनी जेटली को उनके निजी बिजनेस में कोई बड़ा प्रहार करने की तैयारी में थी। वहीं अगर यह कॉल डीटेल विरोधी पार्टी द्वारा मांगी गई है, तो उसमें कांग्रेस का नाम ही सबसे ऊपर आयेगा, क्योंकि इस समय भाजपा की सबसे बड़ी विरोधी यही पार्टी है।
खैर हम यहां किसी के नाम की पुष्टि या उन पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन चूंकि जेटली भाजपा के हर अहम फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए अंदर के राज जानने के लिये ऐसा किया जा सकता है। दूसरी बात यह भी कि इस केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे भाजपा के निशाने पर हैं, लिहाजा इस संबंध में भी भाजपा नेताओं की जासूसी करायी जा सकती है। हम आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सबसे पहले कॉस्टेबल अरविंद डबास को गिरफ्तार किया था, जिसने ऐसीपी की मेल आईडी का इस्तेमाल कर सर्विस प्रोवाइडर से अरुण जेटली की कॉल डीटेल मांगी थीं।
सवाल आपसे- आपको क्या लगता है, जेटली की कॉल डीटेल निकलवाने के पीछे किसका हाथ हो सकता है? जवाब कमेंट बॉक्स में दें और React Now में भी अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।













Click it and Unblock the Notifications