भोजशाला में हिंसा के बीच हुई पूजा और नमाज
धार। एमपी के धार जिले में जिला प्रशासन को जैसा अनुमान था, वैसा ही मंजर देखने को मिला। यहां के भोजशाला में बसंत पंचमी के मौके पर पूजन होना था और उसी समय जुम्मे की नमाज़। हिन्दू और मुस्लिम समुदायों के बीच टकराव हुआ, जिसकी आशंका पहले से थी। बवाल के बीच पूजा और नमाज कराई गई। तनाव, लाठीचार्ज, आंसूगैस के गोले छोड़े जाने, आगजनी और पथराव के बीच प्रशासन दोनों समुदायों की भावनाओं को बनाए रखने में कामयाब रहा।
भोजशाला में पूजा और नमाज को लेकर पिछले 15 दिनों से तनाव चल रहा था। शुक्रवार को सुबह से यह तनाव तब उभरा जब हिंदूवादी संगठनों द्वारा सुबह ही पूजा का बहिष्कार का ऐलान कर दिया गया। श्रद्घालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया था, मगर नमाज का समय करीब आने और दोपहर के एक बजते ही तनाव ने हंगामे का रुप ले लिया। प्रशासन किसी तरह मुस्लिम समाज के लोगों को परिसर में ले जाने की रणनीति बना रहा था, तब कुछ लोगों ने परिसर में घुसने की कोशिश की।

इस पर सुरक्षा बल को काबू पाने के लिए लाठीचार्ज, फिर आंसू गैस के गोले छोड़ना पड़ा। इसके जवाब में भीड़ ने जमकर पथराव किया, वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने के साथ आग भी लगा दी। भोजशाला परिसर के बाहर जहां सुरक्षा बल व भीड़ के बीच हिंसक झड़पें चल रही थीं तभी प्रशासन के कुछ अधिकारी 16 नमाजियों को बस में बिठाकर अंदर ले गये और नमाज की रस्म आदयगी करवा ली।
पुलिस महानिरीक्षक अनुराधा शंकर ने कहा पूजा व नमाज शांतिपूर्वक करा दी गई है। लाठीचार्ज व हिंसा होने से उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। प्रशासन ने भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण (एएसआई) के निर्देशों के मुताबिक पूजा के साथ नमाज करने के इंतजाम किए थे। इसी को ध्यान में रखकर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मंदिर परिसर और उसके बाहर पुलिस बल की तैनाती के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने पूजा के बहिष्कार का ऐलान कर दिया। इसके बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्घालु भोजशाला पहुंचे।
भोजशाला को हिंदूओं के साथ मुस्लिम समाज अपने आराध्य का स्थल मानते हैं। यह स्थल भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीन है। एएसआई के निर्देश के मुताबिक शुक्रवार को वसंत पंचमी होने पर 14 और 15 फरवरी को दोपहर साढ़े 12 बजे तक पूजा की और दोपहर एक बजे से तीन बजे तक नमाज की अनुमति दी गई।
एएसआई द्वारा दिए गए निर्देश का भोजशाला आयोजन समिति व हिंदू जागरण मंच ने विरोध करते हुए वसंत पंचमी को पूरे दिन पूजा करने का ऐलान किया था। प्रशासन ने एएसआई के निर्देशों को पूरा करने के लिए भारी सुरक्षा बलों की मंदिर परिसर के बाहर और भीतर तैनाती की। इसी के विरोध में दोनों संगठनों ने सुरक्षा बलों की संख्या में कमी न किए जाने पर पूजा न करने का ऐलान किया।
शुक्रवार की सुबह प्रशासन ने भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ ही धार की सभी सीमाओं को सील कर दिया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग धार पहुंचे। कई धर्मगुरु भी पूजा करने धार पहुंचे। हिंदू जागरण मंच व भोजशाला उत्सव समिति ने शोभायात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।












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