दिल्ली गैंगरेप मामले की सुनवाई से मीडिया को दूर रहने का आदेश

कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के साकेत कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया था कि मामले की सुनवाई के दौरान मीडिया को मौजूद रहने दिया जाए। लेकिन दिल्ली पुलिस के अनुरोध के बाद कार्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि "दुष्कर्म के हर मामले की सुनवाई 'गोपनीय' रहनी चाहिए।" दरअसल दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय से 16 दिसंबर,12 के सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे की सुनवाई की मीडिया रिपोर्टिंग पर लगे प्रतिबंध को जारी रखने का आग्रह किया है। दिल्ली पुलिस के वकील दयान कृष्ण ने कहा इस मुकदमे में कई गवाह हैं। उनके हित को देखते हुए मामले की सुनवाई बंद कमरे में होनी चाहिए।
जिरह के दौरान दिल्ली पुलिस के वकील कृष्णा ने कहा, इस मुकदमे में आरोप पत्र दायर हो चुका है। हमारे पास 80 गवाह हैं। अभी तक 11 गवाहों की गवाही हो चुकी है। रोजाना आधार पर सुनवाई हो रही है। न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने कृष्णा से पूछा कि क्या किसी अधिकृत पत्रकार को न्यायलय की कार्यवाही की रिपोर्ट करने की अनुमति दी सकती है। इसपर कृष्णा ने नाकारात्मक उत्तर दिया। इस मुद्दे पर अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषियों को कोर्ट में लाने में हो रही परेशानी को देखते हुए 7 जनवरी को मुकदमे की बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया था। कोर्ट ने बिना उसकी अनुमति से मुकदमे से जुड़े किसी भी समाचार को प्रकाशित नहीं करने का भी आदेश दिया था।
आईएएनएस












Click it and Unblock the Notifications