कुंभ मेला: भगदड़ के बाद बचाव कार्य जारी
इलाहाबाद। बारह वर्षों में होने वाले कुंभ मेले में कल रविवार को मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद के रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच जाने से लगभग 36 लोगों की मौत हो गयी। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बचाव कार्य प्रारम्भ किये और गंभीर रूप से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान भगदड़ के शिकार लोगों को अव्यवस्थाओं से शिकायत भी रही। लोगों का कहना है कि हमारे घायल अब किस स्थिति में हैं। इसकी हमें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी और नित्यक्रियाओं के समाधान के लिए समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।
इस दौरान रेलवे से जुड़े सूत्रों से आ रही खबरों के मुताबिक भगदड़ की यह घटना सिर्फ एक बार ही नहीं बल्कि दो बार हुई थी। पहली घटना प्लेटफॉर्म नंबर दो की सीढि़यों पर हुई और दूसरी घटना प्लेटफॉर्म नंबर छह पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर ट्रेनों की समुचित व्यवस्था की गई होती तो इस प्रकार की घटना को रोंका जा सकता था।

भारत के धार्मिक स्थानों पर भगदड़ की ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं लेकिन कुंभ में भगदड़ की यह पहली ऐसी घटना है। कुंभ में इस बार लगभग 10 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है। ऐसे में सुरक्षा इंतजाम प्रशासन के लिए भी एक कड़ी चुनौती है। उत्तर प्रदेश की सरकार ने घायलों को एक-एक लाख और मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रूपये देने का ऐलान किया है।
घायलों को अस्पताल देखने पहुंची उमा भारती ने घटना के जिम्मेदारों को हत्यारा करार दिया है। उत्तर प्रदेश शासन की इसलिये भी निंदा की जा रही है कि प्रदेश में इतना बड़ा धार्मिक आयोजन होने के बाद प्रदेश सरकार के ज्यादातर मंत्री, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के घर एक शादी समारोह में उपस्थित थे।
कुंभ मेले में मची भगदड़ की तस्वीरें












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