अफजल गुरु को फांसी दिये के बाद किसने क्या कहा?
नई दिल्ली। संसद पर हमला कर देश का अपमान करने वाले आतंकवादी अफजल गुरू को फांसी दिये जाने के सरकार के फैसले का स्वागत किया जा रहा है। इस पर अलग-अलग राजनीतिक दलों द्वारा प्रतिक्रिया दी जा रही है लेकिन सभी का यही कहना है कि इस फैसले में काफी ज्यादा समय लगा दिया गया। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि यह देश पर किया गया हमला था और ऐसे समय पर किया गया था, जब संसद में पार्टियों के लगभग 100 सांसद मौजूद थे, अगर कोई आतंकवादी संसद के अंदर पहुंच जाता तो कई लोग मारे जाते हैं। यह देश के लोकतंत्र पर किया गया हमला था।
वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसके राजनीतिक निहितार्थ निकालने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार के इस निर्णय को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक बड़ा निर्णय है और जनता को इसका स्वागत करना चाहिए। इससे देश के दुश्मनों को यह संदेश जाता है कि हम आतंकवाद के मुद्दे पर चुप नहीं बैठ सकते हैं और हम इसका माकूल जवाब देंगे।
इस मुद्दे पर सरकार ने भी काफी सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि हमने कोई राजनीतिक लाभ पाने के लिए अफजल गुरू को फांसी नहीं दी। इस पर अफजल गुरू के भाई ने सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार ने चुनावी लाभ पाने के लिए यह कदम उठाया है।
अफजल को फांसी दिये जाने के बाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मीडिया से अपील की है कि मीडिया को इस मामले में जो भी खबरें मिलें वह उन्हें पहले क्रॉस चेक करे और जब पूरा यकीन हो जाये तभी उसे लोगों तक पहुंचाए। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर पूरी कश्मीर घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
आइये जानते हैं कि अफजल की फांसी पर किसने क्या कहा-

नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि अंततोगत्वा न्याय प्रणाली ने अपना काम किया और देश पर हमला करने वाले को फांसी दे दी गई हालांकि उन्होने भी यही बात कही कि यह काम थोड़ा पहले होना चाहिए था।

मायावती
आतंकवादी अफजल गुरू को फांसी दिये जाने के फैसले का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि आतंकवाद को किसी जाति, संप्रदाय या मजहब से नहीं जोड़ा जाना चाहिए बल्कि अपराधियों पर समय से कार्यवाही करना चाहिए।

रवि शंकर प्रसाद
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि इस निर्णय को थोड़ा पहले कार्यान्वित किया जाना चाहिये था।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर लटकाए जाने को न्यायसंगत बताया और कहा कि सभी संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ सुनवाई त्वरित न्यायालयों में होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने कानून के मुताबिक यह निर्णय लिया है। जो कोई भी आतंकवाद में संलिप्त हो उसके साथ ऐसा ही अंजाम होना चाहिए। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करूंगा कि आतंकवाद के मामलों की सुनवाई त्वरित न्यायालयों में कराई जाए।"

सुशील कुमार शिंदे
केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शनिवार को कहा कि यह समय संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने पर राजनीति करने का नहीं बल्कि शांति और संयम बनाए रखने का है। उन्होंने कहा, "अफजल को शनिवार सुबह फांसी दे दी गई। यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि शांति और संयम बनाए रखने का है।"












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