कारगिल युद्ध की पटकथा मुशर्रफ ने खुद लिखी थी
अजीज का कहना है कि मुशर्रफ ने इसकी भनक आईएसआई तक को नहीं लगने दी थी। हमें इस बारे में तब पता चला जब हमने भारतीय सेना की बातचीत को इंटरसेप्ट किया। हमें पता चला कि 10 कॉर्प्स के सैनिक नियंत्रण रेखा के पार कार्यवाही कर रहे हैं। उनका कहना है कि भारत के खिलाफ इस कार्यवाही में तीन अन्य लोग चीफ ऑफ जनरल स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल अजीज मुहम्मद खान, फोर्स कमांड नॉदर्न एरिया (एफसीएनए) के प्रमुख मेजर जनरल जावेद हसन और 10 कॉर्प्स प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल महमूद अहमद शामिल थे।
अजीज का कहना है कि यह कार्यवाही इतनी गोपनीय रखी गयी थी कि 10कोर मुख्यालय के कर्मचारियों को भी इसके बारे में जानकारी नहीं थी। भारतीय सेना की बातचीत इंटरसेप्ट करने के बाद हमें जो जानकारी मिली उसे हमने तत्कालीन आईएसआई प्रमुख जनरल जियाउद्दीन बट्ट तक पहुंचाया, बट्ट ने हमें इसके दस्तावेजों को अपने पास रखने के लिए कहा।
इंटरसेप्ट की गयी बातचीत के बारे में अजीज ने लिखा कि पाक की इस कार्यवाही से भारत के सैनिक हैरान थे और असमंजस स्थिति में लग रहे थे। उनकी बातचीत के जरिये पता चला कि पाक सेना ने सीमा पार कोई बड़ा अभियान चला रखा है। पाक सेना ने भारत के उन स्थानों पर कब्जा कर लिया है, जहां से सर्दी के कारण भारतीय सैनिक चले गये थे। हालांकि यह एक मजबूत कार्यवाही नहीं थी क्योंकि इसके लिए पूरी तैयारी नहीं की गई थी और गलत समय को चुना गया था।
अपनी किताब में अजीज ने कहा है कि पाकिस्तान ने भारत के साथ हुए 1971 युद्ध के तथ्यों को छिपाया और अब कारगिल युद्ध के बारे में भी ऐसा ही किया गया है। जिसकी कोई वजह नहीं है। हालांकि इसका मकसद क्या था ? इसकी कोई वजह बता पाना मुश्किल हैं।













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