अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा 'जुवेनाइल' की उम्र

कोर्ट ने इस पीआईएल को स्वीकार करते हुए कहा है कि जुवेनाइल एक्ट की वैधता पर दुबारा से विचार किया जाएगा। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बाल अपराध के लिए बनाए गए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में जुवेनाइल शब्द की परिभाषा को बदला जाएगा। केन्द्र सरकार को जारी किए गए नेटिस में कोर्ट ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में बाल अपराध के लिए उम्र निर्धारित करने के लिए बाल अपराधी के अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखा जाए।
कोर्ट ने एर्टनी जनरल को आदेश देते हुए कहा कि वो 29 मार्च से पहले इस मामले से जुड़े सारे रिपोर्ट कोर्ट को सौंपे जाएं। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 3 अप्रैल का समय दिया है। कोर्ट ने गैंगरेप पर सरकार द्वारा बनाए गए जस्टिस वर्मा कमेटी की उन सिफारिशों को भी ठुकरा दिया है जिसमें जुवेनाइल को कानून के मुताबिक सजा देने की सिफारिश की गई थी। गौरतलब है कि दिल्ली गैंगरेप मामले के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने गैंगरेप के छठें आरोपी को स्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर नाबालिग करार दिया था। जिसके बाद से ही इस कानून को लेकर सवाल उठने लगे थे। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ-साथ कई समाजिक संस्थाओं मे जुवेनाइल की उम्र घटाने की मांग की है।












Click it and Unblock the Notifications