सॉलिसिटर जनरल नरीमन का अपने पद से इस्तीफा

माना जा रहा है कि कानून मंत्री और नरीमन के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद था जिसके बाद सरकार की तरङ से नरीमन को जो निर्देश मिल रहे थे उससे वो काफी नाराज थे । गौरतलब है कि जुलाई 2011 में सॉलिसिटर जनरल नरीमन ने अपना कार्यभार संभाला था। नरीमन को उस वक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था जब उनसे पहले के सॉलिसिटर गोपाल सुब्रह्मण्यम ने टूजी घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट में नरीमन के पेश होने का विरोध करते हुए अपना इस्तीफा दिया था।
गौरतलब है कि अटॉनी जनरल के बाद सॉलिसिटर जनरल ही सरकार को कानूनी सलाह देने का दूसरा सबसे बड़ा पद होता है । इसके अलावा सॉलिसिटर जनरल ही सुप्रीम कोर्ट में सरकार के प्रमुख वकील होते है। खबर ये भी है कि अपना त्यागपत्र देने के बाद आरएफ नरीमन मुंबई के लिए रवाना हो गए है।












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