लोकपाल के नाम पर जनता से धोखा-अन्ना

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कैबिनेट के सामने जो ड्राफ्ट रखा गया है वो हमारा नहीं है। अन्ना ने कहा कि लोकपाल जनता की भलाई के लिए है इसलिए सरकार को इस बिल में पार्दर्शिता रखनी चाहिए। सीबीआई और सीवीसी को लोकपाल के दायरे में लाना चाहिए। सोनिया-राहुल मुद्दे पर लबोलते हुए उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को सत्ता का नशा लग गया है।
उन्होंने एकबार फिर से दोहराते हुए कहा कि परिवारवाद भारतीय राजनीति के लिए घातक है। वही गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर बोलेत हुए अन्ना ने कहा कि मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए ठीक नहीं है उन्होंने गुजरात मे लोकायुक्ता की नियुक्ती को रोका था। ऐसे में वो देश की कमान संभालने के लायक नहीं है।
इससे पहले अन्ना ने सरकार तो चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर लोकपाल बिल नहीं आया तो इसका जबाव जनता देंगी। गौरतलब है कि सरकार ने स्लेक्ट कमिटी के सुझावों को मानते हुए लोकपाल बिल में संशोधन को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद पीएम और सीबीआई को लोकपाल के दायरे से बाहर रखा गया है। अन्ना इसका विरोध कर रहे है।












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