गृहमंत्री शिंदे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज

यह मुकदमा एक दिल्ली के रहने वाले वीपी कुमार ने अपनी वकील मोनिका अरोड़ा को माध्यम बनाकर दायर किया। पिछले दिनों जयपुर में हुए कांग्रेस के चिंतन शिविर में शिंदे ने कहा था कि मुझे कुछ रिपोर्ट मिली हैं कि आरएसएस और भाजपा के कैंपों में 'हिंदू आतंकवाद' को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसका लाभ उठाते हुए पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी हाफिज सईद ने पाकिस्तान सरकार से कहा था कि वह संयुक्त राष्ट्र में यह मुद्दा उठाये जिससे कि भारत को एक आतंकवादी राष्ट्र घोषित किया जाये।
हालांकि कांग्रेस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए गृहमंत्री के बयान से खुद को अलग कर लिया। इस पर कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा है कि आतंकवाद को किसी रंग या मजहब से नहीं जोड़ा जा सकता है। उनके इस बयान की देश भर में निंदा हो रही है। इस पर आरएसएस नेता राम माधव ने कहा है कि हमारे गृहमंत्री शिंदे जी अब जमात-उद-दावा आतंकी संगठन के चहेते हो गये हैं। वहीं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी को शिंदे को अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल से निकाल देना चाहिए।
गृहमंत्री के इस वक्तव्य के खिलाफ भाजपा ने 24 जनवरी को राष्ट्रव्यापी विरोध का आह्रवान किया है। गौरतलब है कि एक विशेष समुदाय का वोट बैंक पाने के लिए शिंदे द्वारा ये बयान दिया गया है लेकिन राजनीति विशेषज्ञों का कहना है कि वह ऐसा कहकर देश के हिंदू समुदाय का वोट बैंक खो सकते हैं।












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