नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नरेंद्र मोदी की श्रद्धांजलि

मोदी ने आगे लिखा- जब हम भारत के स्वतंत्रता संग्राम को याद करते हैं तो नेताजी का नाम स्वर्ण अक्षरों में दिखाई देता है। उनका नाम हर भारतीय के दिल में है। राष्ट्र सुभाष बाबू को एक जाबाज़ सैनिक की तरह जानते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश के लिये न्योछावर कर दिया। उन्हीं के जैसे लोगों की वजह से हम आज स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
नेताजी के संगठन में रहकर काम करने और नेतृत्व की क्षमता उनके अंदर कूट-कूट कर भरी हुई थी। उन्होंने महात्मा गांधी के साथ भी काम किया और स्वतंत्रता के लिये हथियार भी उठाये।
गुजरात का भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ गहरा नाता है। गुजरात का हरिपुरा था, जहां 1938 में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था। जब नेताजी ने जर्मनी में खुद का रेडियो शुरू किया, तो गुजरात के एमआर व्यास ने उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। और गुजरात के पुत्र अमृतलाल सेठ ने भी अखबार जन्मभूमि को हथियार बनाकर नेताजी के आंदोलन को देश भर में मजबूत किया।
सुभाष जयंती के मौके पर मेरा मन 2009 में चला गया, ठीक इसी दिन गुजरात ने तकनीकी के नये संसार में कदम रखा था, जहां गावों को टेक्नोलॉजी से लैस करना सबसे बड़ा लक्ष्य था। हमने हरिपुरा से ही उसकी शुरुआत की, वहीं से जहां सुभाष बाबू ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अहम निर्णय लिये थे। आज वह पहल विकास की यात्रा में तेजी से आगे बढ़ चुकी है। एक बार फिर मैं सुभाष बाबू को उनकी देशभक्ति के लिये नमन करता हूं।












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