सड़क पर दिखी सपाईयों की दबंगई, खुलेआम की फायरिंग

विजय जुलुस में सपाईयों ने खुलेआम जमकर गोलीबारी की और जमकर उत्पाद मचाया। सपाईयों ने जुलूस में खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई गई। यूपी में सपा की सरकार वापस आने के बाद से सपा कार्यकर्ता ना तो अपने मुखिया की सुनते है और ना ही कानून की। जिला पंचायत का चुनाव क्या जीता, सपा कार्यकर्ता कानून को ताखपर रखकर सड़क पर घंटों तक फायरिंग करते रहे। उनकी दबंगई तो देखिए जुलुस में सुरक्षा के लिए तैनात एसएसपी की गाड़ी पर अपना कब्जा जमा लिया। इतना ही नहीं सुरक्षाबलों को किनारे करते हुए पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर हवा में फायरिंग करने लगे।
सपाईयों के इस दबंगई और गुंडागर्दी के सामने पुलिस भी बेबस दिखी और हो भी क्यों ना जब सरकार उनकी है तो फिर उन्हें रोकना का खतरा कौन मोल ले? फिर क्या था सपा कार्यकर्ता घंटों तक इसी तरह ने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए खुलेआम अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते रहे।
दरअसल समाजवादी पार्टी में मंत्री रह चुके वीरेन्द्र सिंह के बेटे मनीष सिंह ने शामली जिला पंचायत के चुनाव में जीत हासिल की है। जीत की खुशी को मनाने के लिए सपाईयों का ये अंदाज कोई नया नहीं है इससे पहले भी कई बार वो खुले आम कानून की धज्जियां उड़ाते और हुड़दंग करते नजर आए हैं। सपा कार्यकर्ताओं के इस हुड़दंग के सामने घुटने टेक चुकी पुलिस ने कार्रवाई के नाम जुलुस में शामिल एक गाड़ी को हिरासत में लेकर उसमें रखे हथियार जब्त कर लिए है।
सूबे के मुखिया भले ही बार-बार कार्यकर्ताओं के दबंगई को रोकने के लिए कार्रवाई की धमकी देते रहे हो लेकिन लगता नहीं है कि उनके कार्यकर्ता उनकी इन धमकियों को गंभीरता से लेते है। यूपी की कानून व्यवस्था क्या सरकार बदलने के बाद और बद से बदतर हो गई है। यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर हम आपसे यहां कुछ सवाल पूछ रहे है। आप अपने जवाब नीचे दिए कॉलम में लिख सकते हैं।
क्या सपा सरकार में यूपी में अपराध बढ़े है?
क्या सपाईयों की गुंडागर्दी और दबंगई बढ़ गई है?
क्या सीएम अखिलेश यादव अपने कार्यकर्ताओं को संभाल नहीं पा रहे है?












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