अब जवानों के बजाय फाईटर मशीन संभालेंगी मोर्चा
हिसार। भारतीय सेना के जवानों को मौसम की मार से बचाने व विपरीत परिस्थितियों में दुश्मनों से लडऩे के लिए प्राणनाथ प्रणामी यूनिवर्स ने विशेष फाईटर मिल्ट्री गन का मॉडल तैयार किया है। यदि सब कुछ उमीदों के मुताबिक रहा तो आने वाले समय में भारतीय सैनिकों के लिए बर्फीले व रेगिस्तानी बार्डर की निगरानी बेहद आसान हो जाएगी।
यह स्वचलित मशीन तलवार से लेकर आधुनिक हथियार तक अपने साथ लेकर दुश्मनों से लड़ सकती है। युद्ध के समय बारुद बिछाये गए क्षेत्रों में विस्फोटक पदार्थ की रेंज में रहकर भी यह फाईटर मशीन दुश्मन पर सटीक निशाना लगा सकती है। इस मशीन का उपयोग विशेष मिशनों के दौरान भी आसानी से किया जा सकेगा। सैनिकों की कमी या अचानक हमलों की स्थिति में यह फाईटर मशीन बहुत ही कारगार रहेगी। पीपीयू ने इस संबन्ध में सेना को प्रपोजल भेज दिया है।
पीपीयू के डायरेक्टर जनरल नितिन कथूरिया का दावा है कि यदि सेना व सरकार इस तकनीक पर कार्य करे तो सीमा की निगरानी का काम करने का तरीका ही बदल जाएगा। इस मशीन में एक कैमरा भी लगा होगा, जिसके माध्यम से दुश्मन की गतिविधियों की जानकारी समय रहते प्राप्त हो सकेगी। साथ ही फाइटर मशीन को कंमाड करने वाले अधिकारीगण कम साधन व गोला बारुद बर्बाद किए दुश्मन से लोहा ले सकेंगे।

मात्र दस हजार में मॉडल तैयार
पीपीयू के डायरेक्टर जनरल नितिन कथूरिया के अनुसार ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के एचओडी अमित भाटिया की देखरेख में होनहार छात्र पवन ने तैयार किया है। इस मॉडल को तैयार करने में मात्र 10 हजार रुपये खर्च आया है।

10 लाख से 80 लाख तक लगेंगे
उनका दावा है कि सेना की जरुरत के हिसाब से दस लाख से लेकर 80 लाख में फाईटर मशीन तैयार हो जाएगी। उनका कहना है कि सेना व क्षेत्र विशेष की जरुरतों के हिसाब से छोटी व बड़ी फाईटर मशीन का निर्माण किया जा सकता है।

अचूक होगा निशाना
करीब पांच किलोमीटर की दूरी से नियंत्रित हो सकने वाली इस फाईटर मशीन का निशाना न केवल अचूक होगा, बल्कि दुश्मन की हरकत के साथ यह अपना लक्ष्य बदल भी लेगी।

कई हथियारों से लैस
मात्र दस हजार में बना मॉडल तलवार से लेकर आधुनिक ग्रेनेड दांगने तक की होगी सुविधा दुश्मन को खोज कर रोबट की तरह फाईटर मशीन करेगी हमला जरुरत पडऩे पर एक साथ कई हथियारों का इस्तेमाल करने में सक्षम होगी मशीन।

रजनीकांत की फिल्म से मिली प्रेरणा
पीपीयू के छात्र पवन का कहना है कि अभिनेता रजनीकांत की फिल्म रोबोट को देख कर उसने ठान लिया था कि वह सेना के लिए एक ऐसी मशीन तैयार करेगा जो सैनिकों के लिए हर प्रकार से मददगार हो। इसी को ध्यान में रखते हुए करीब एक साल की मेहनत से यह मॉडल तैयार किया है।

एचओडी के साथ पवन
मॉडल बनाने वाले छात्र पवन और विभागाध्यक्ष अमित भाटिया को आप इस तस्वीर में देख सकते हैं। पवन का सपना है कि वह सेना में जाकर उक्त मॉडल का वास्तविक प्रयोग देश के दुश्मनों पर करे।












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