राहुल उपाध्यक्ष तो बन गये लेकिन पीएम नहीं!
नई दिल्ली। जयपुर में हुए कांग्रेस के चितंन शिविर में भले ही बिना किसी विरोध के कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष चुन लिया गया है लेकिन राहुल के लिए काम करना आसान नहीं बल्कि मुश्किलों भरा होगा क्योंकि ऐसा कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने भले ही सर्वसम्मति से अपने राजकुमार को उपाध्यक्ष बना दिया लेकिन राहुल को लेकर एनसीपी खुश नहीं हैं।
नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार को राहुल का उपाध्यक्ष बनना रास नहीं आया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाकर यह जताने की कोशिश की है कि राहुल ही आगामी साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से पीएम पद के दावेदार होंगे।
जो कि यूपीए के कद्दावर नेता शरद पवार को पचाना काफी मुश्किल हो रहा है। खबर के मुताबिक शरद पवार ने कहा है कि उन्होंने राहुल गांधी की तुलना अपनी बेटी सुप्रिया सुले से की है और कहा है कि अभी उनके इतने बुरे दिन नहीं आये हैं कि वो और उनकी पार्टी उनकी बेटी सुप्रिया सुले के अंडर में काम करें। पवार का यह बयान साफ इशारा करता है कि पीएम पद का सपना अपनी आंखों में लंबे अरसे से पाले शरद पवार को राहुल का पद बढ़ने से खुशी नहीं हुई है।
इसलिए कहा जा रहा है कि हो सकता है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में अगर कांग्रेस साल 2014 का चुनाव लड़ती है तो शरद पवार उनका साथ ना दें।वैसे शरद पवार ने पहले भी कांग्रेस का साथ इसलिए ही छोड़ा था क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि कांग्रेस की कमान सोनिया गांधी के हाथ में आये क्योंकि वो एक विदेशी हैं। इसी कारण वोकांग्रेस से अलग भी हुए थे और अपनी अलग पार्टी एनसीपी भी बनायी थी।













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