भारत में किराये की कोख नहीं ले पाएंगे विदेशी गे-लेस्बियंन
मुंबई। ये खबर उन लोगों के लिए कुछ खास अच्छी नहीं है जो भारत में अपनी सूनी कोख भरने के लिए आते है। भारत में अब समलैंगिक और सिंगल परेंड्स को सेरोगेसी से बच्चे नहीं मिल पाएगे। भारत सरकार ने देश में सेरोगेसी से पैदा होने वाले बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर कुछ अध्यादेश जारी किए है। गृह मंत्रायल ने सेरोगेसी (किराए का कोख) से संबंधित कुछ नियमों में बदलाव करते हुए पहली बार कुछ गाइडलाइन जारी किए है।
ये गाइडलाइन खास उन विदेशी दंपत्तियों के लिए जारी किया गया है जो भारत में अपनी सेरोगेसी की तलाश करने आते है। दरअसल कुछ देश ऐसे है जो अपने यहां सेरोगेसी से पैदा हुए बच्चों को कानूनी तौर पर अपने देश की नागरिकता नहीं देते है। फ्रांस,जर्मनी,इटली और नॉर्वे जैसे कुछ देश दूसरे देश में सेरोगेसी से पैदा हुए बच्चों को बायोलॉजिकल नागरिक की मान्यता नहीं देता है। सन 2009 में नार्वे की एक महिला ने भारत में सेरोगेसी से दो बच्चों को जन्म दिया लेकिन नार्वे सरकार में उस महिला को बच्चों की बायोल़जिकल मां मानने से इंकार कर दिया।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक गृह मंत्रायल ने भारत में विदेशियों के लिए सेरोगेसी के लिए निर्धारित कानून में बदलाव किए है। सरकार की माने तो कई विदेशी नागरिक सरोगेसी के लिए टूरिस्ट वीजा का इस्तेमाल करते है जो गलत है। सरकार की
गाइडलाइन के मुताबिक अगर कोई भी विदेशी नागरिक भारत में अपने लिए सेरोगेस मां या फिर सेरोगेसी के लिए आना चाहता है तो उसे मेडिकल वीजा के साथ आना होगा, साथ ही साथ भारत सरकार ने ये भी निर्देश दिए है कि उन दंपत्तियों को अपने साथ विदेश मंत्रायल से या फिर उनके दूतावास से एक अनुमति पत्र लाना होगा जिसमें साफ तौर पर लिखा होना चाहिए कि उनके देश में सेरोगेसी को मान्यता प्राप्त है।
दरअसल कुछ देश ऐसे है जो अपने यहां सेरोगेसी से पैदा हुए बच्चों को मान्यता नहीं देते। ऐसे में सीमा पार देशों से सेरोगेसी से पैदा हुए बच्चे दोनों देश के कानूनों के बीच फंस कर रह जाते है। इस हालता से बचने के लिए ही सरकार ने ये कदम उठाए है। इंडियन कांउंसिक ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साइंटिस्ट डॉ.पीएम वर्गवा ने सरकार के लिए इस गाइडलाइन को तैयार किया है। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होने साफ तौर पर कहा कि आईसीएमआर केवल शादी-शुदा दंपत्ति को ही सेरोगेसी की मान्यता देते है ऐसे में अगर कोई समलैंगिक या फिर सिंगल पेरेंड्स सेरोगेसी चाहते है तो भारत में ये मान्य नहीं होगा।
भारत सरकार ने सेरोगेसी करवाने वाले क्लिनिकों को भी आदेश जारी करते हुए रजिस्ट्रेशन करवाने की हिदायत ही है। ताकि सरोगोसी के गलत इस्तेमाल पर पाबंदी लगाया जा सके। भारत सरकार के उठाए गए कदम ना केवल सेरोगेसी के गलत ढंग से हो रहे इस्तेमाल पर रोक लगाएगी बल्कि उन गरीब औरतों को भी सुरक्षा देगी जो पैसों के ही अपनी कोख किराए पर देती आ रही है।












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