पाकिस्तान में तोड़ा गया 100 साल पुरान मंदिर, हिंदुओं में रोष

बेघर हुए लोगों में ज्यादतर हिंदू समुदाय के लोग हैं। मंदिर विध्वंस के बाद पाकिस्तान हिंदू काउंसील ने रविवार को ही कराची स्थित प्रेस क्लब के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप था कि बिल्डर द्वारा मंदिर और घर तोड़े जाने के बावजूद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मालूम हो कि मंदिर तोड़े जाने की श्ह घटना उस वक्त हुई है जब पाकिस्तान के सिंध हाईकोर्ट में श्री राम पीर मंदिर ढाये जाने पर स्थगन लगाने की मांग वाली चाचिका पर सुनवाई चल रही है। हालांकि इस मामले में पुलिस का कहना है कि यह बात सही है कि मकानों को तोड़ा गया है मगर वहां कोई मंदिर नहीं थी। पुलिस ने पूरे मामले को खारिज करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया था।
पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया वहां कोई मंदिर नहीं था। वहां मकानों में कुछ हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमाएं थीं लेकिन हमने यह सुनिश्चित किया कि वे सुरक्षित रहें। पुलिस ने बताया कि लोगों को अपने घरों से सामान निकालने के लिये प्रर्याप्त समय दिया गया था। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि लोगों ने उनपर पथराव कर दिया जिसमें थाना प्रभारी घायल हो गये।












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