ऑपरेशन बुद्धा स्माइल और एक्स के तहत हुई कसाब को फांसी

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जब कसाब की दया याचिका खारिज कर दी, तब केंद्र सरकार ने ऑपरेशन एक्स की रणनीति बनायी। इसके तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कसाब की फांसी की तैयारियां शुरू कीं। इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन एक्स रखा गया। लेकिन जब इस ऑपरेशन को स्थानीय स्तर यानी महाराष्ट्र में अंजाम देना था, तो यहां उसका नाम पड़ा ऑपरेशन बुद्धा स्माइल।
यह नाम लिया गया पोखरण के ऑपरेशन से। उस ऑपरेशन का नाम था स्माइलिंग बुद्धा। महाराष्ट्र सरकार ने ऑपरेशन बुद्धा स्माइल के तहत कसाब को मुंबई की अर्थर रोड जेल से पुणे की यरवडा जेल स्थानांतरित किया गया। जो ड्राईवर कसाब को लेकर पुणे गया था, उसे इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी नहीं थी। यही नहीं जेल के दो अधिकारियों और चार सिपाहियों के अलावा एक भी व्यक्ति को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी।
जेल के सिपाहियों को सिर्फ इतना पता था कि कोई खतरनाक कैदी जेल में आया है। यही नहीं जिस व्यक्ति ने फांसी दी, उसे भी बुधवार की सुबह पता चला कि वो कसाब को फांसी देने जा रहा है। ऐसी ही सतर्कता के साथ ऑपरेशन एक्स आगे चलकर ऑपरेशन बुद्धा स्माइल बना और सफल हुआ।












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