विश्व शौचालय दिवस- स्वच्छ शौचालय के मामले में भारत से आगे पाकिस्तान

बात अगर शौचालय की आ ही गई है, तो सबसे पहले हमें सुलभ इंटरनेशनल का धन्यवाद देना चाहिये, क्योंकि यह वो संगठन है, जिसने देश के लाखों लोगों को यह सुविधा मुहैया करायी। लेकिन अफसोस इस बात का अभी भी है कि देश के 58 प्रतिशत लोग अभी भी खुले में शौच जाते हैं।
अगर हम यह कहें कि हमारे यहां आबादी बहुत ज्यादा है, इसलिये ऐसा है, तो हम गलत होंगे क्योंकि हमसे ज्यादा आबादी वाले चीन में मात्र 5 फीसदी लोग ही खुले में शौच जाते हैं। यही नहीं पाकिस्तान जिसे हम खुद से पिछड़ा मानते हैं, वहां भी मात्र 4.5 प्रतिशत लोगों को ही यह दंश झेलना पड़ता है। अब अगर पूरे विश्व की बात करें तो 260 करोड़ लोगों के पास स्वच्छ, सुविधाजनक शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट कहती है कि शौचालय नहीं होने की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर खासा प्रभाव पड़ता है। उन्हें न केवल पेट संबंधी बीमारियां होती हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान रहते हैं।












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