हरदीप ने पहले चलाई थी पौंटी चड्ढा पर गोली

इस बीच पौंटी चड्ढा हत्याकांड से जुड़े साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए फौरेन्सिक टीम पौंटी के फार्म हाउस पहुंच गयी है। गौरतलब है कि मॉहरौली के इसी फॉर्म हाउस में 17 नवंबर को पौंटी और उसके भाई हरदीप के बीच हुई गोलीबारी में दोनों की मौत हो गयी थी। दोनों भाइयों के बीच 2500 करोड़ रूपये की सम्पित्त का विवाद था। पुलिस ने हत्याकांड की जांच के बाद पाया कि पौंटी को 12 गोलियां लगी थी। पुलिस इस हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पौटी चड्ढा का वास्तविक नाम गुरप्रीत सिंह चड्ढा है। वह कई मिलों का मालिक था, साथ ही शराब और रियल एस्टेट कारोबारी भी था।
हत्याकांड के दौरान घटनास्थल पर मौजूद उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सुखदेव नामधारी ने अपने बयान में बताया कि मैं पौंटी के साथ उसकी कार में बैठ कर उसके छतरपुर स्थित फॉर्म हाउस गया था। जहां कार से उतरते वक्त ही हरदीप ने पौंटी पर गोली चला दी। मैं अपनी जान बचाने के लिए कार के पीछे छिप गया। पौंटी को गोली मारने के बाद हरदीप अंदर चला गया। मैं ड्राइवर की सहायता से पौंटी को पास के एक अस्पताल में ले गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पौंटी चड्ढा और उसके भाई हरप्रीत का पोस्टमार्टल के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक पहली बार पोस्टमार्टम के बाद भी चार गोलियां शरीर में ही रह जाने के कारण पौंटी के शरीर को दोबारा एम्स लाया गया था।












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