बेहद शर्मनाक है जेठमलानी की राम पर टिप्पणी: विश्वास

डा. कुमार विश्वास ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि राष्ट्र-द्रोही अफज़ल के वकील, श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तावित एवं समर्थित गुजरात से राज्यसभा सदस्य श्री(ह)राम जेठमलानी ने , सार्वजनिक जीवन में सुचिता के लिए समस्त निजी सुखों का त्याग करके विश्व-पटल पर महानतम आदर्श स्थापित करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के विषय में एक अनर्गल और बेहूदा बयान दिया है ! राम के नाम पर समस्त सुविधा का सनातन भोग कर रहे महान राष्ट्रवादी मित्र इस पर इतने चुप क्यूँ हैं ? क्या हुआ ? पार्टी से निलंबित क्यूँ नहीं किया जा रहा इन्हें ? हे राम !
"आप को याद दिलाना था हुजूर ए आला ,
आज के दौर में हम ऐसे सरोकार में हैं !
बंदरों तक को अयोध्या में मिला ऐसा मज़ा,
राम जी टेंट में हैं और वो सरकार में हैं ....!"
गौरतलब है कि राम जेठमलानी ने स्त्री-पुरुष संबंधों पर लिखी किताब के विमोचन के मौके पर बोलते हुए कहा था कि वो मर्यादा पुरषोत्तम राम को कतई पसंद नहीं करते हैं क्योंकि उन्होंने मछुआरे की बात मानकर अग्नि परिक्षा देने वाली मां सीता को अपने घर से निकाल दिया था। जिस पर कांग्रेस ने जेठमलानी को तत्काल माफी मांगने लिए कहा था। इस मामले में पूर्व कानून मंत्री और सांसद राम जेठमलानी के खिलाफ दिल्ली के एक स्थानीय अदालत में एक अर्जी दी गयी है। इसमें कहा गया है कि जेठमलानी के बयान से हिन्दू समाज की भावनाएं आहत हुई है। अदालत ने इस मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 24 नवंबर तय की है।












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