बंटी-बबली के निशाने पर राजधानी, दुरंतो के यात्री

Thugs couple Bunty-Babli held in Delhi
नई दिल्‍ली। राजधानी एक्‍सप्रेस, संपर्क क्रांति और दुरंतो एक्‍सप्रेस ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री अब बंटी और बबली के निशाने पर हैं। यहां एक बंटी-बबली नहीं, बल्कि कई जोडि़यां हैं, जो चलती ट्रेन में लोगों हाथ की सफाई कर रही हैं। हालांकि दिल्‍ली पुलिस ने ऐसी जोडि़यों में से एक को धर दबोचा है।

पुलिस ने जिस जोड़ी को पकड़ा है, उसमें बंटी है 31 वर्षीय मोहम्‍मद नौशाद और बबली है कानपुर की मोनी सिंह। ये दोनों अब तक 28 ट्रेनों की एसी बोगियों में चोरी कर चुके हैं। इनके पास से पुलिस ने 14 लाख रुपए तक की कीमत का सामान बरामद किया। यही नहीं 6 लाख रुपए की सोने की चूडि़यां व हीरे भी बरामद किये। पुलस ने इन्‍हें गिरफ्तार कर सलांखों के पीछे तो डाल दिया, लेकिन इनकी कहानी सुनकर पुलिस को भी लगा कि इन्‍हें माफ कर देना चाहिये।

कानपुर की मोनी असल में बबली नहीं बनना चाहती थी। वो टीचर बनना चाहती थी। उसने संस्‍कृत व हिन्‍दी में एमए किया। लेकिन 19 साल की उम्र में उसकी शादी कर दी गई। पति ऐसा मिला, जिसने उसे कभी प्‍यार नहीं दिया। मजबूरन मोनी को पति का घर छोड़ना पड़ा। अब वो मायके भी नहीं जा सकती थी। उसने एक दोस्‍त के घर पनाह ली और कॉल सेंटर में जॉब करना शुरू कर दी।

जॉब के दौरान मोनी की मुलाकात शिवम शर्मा से हुई, जो बैग चोरी करने वाले गैंग से ताल्‍लुक रखता था। उस गैंग को एक महिला की जरूरत थी। उसने मोनी को अपने जाल में फंसा लिया। इसी गैंग में मोनी की मुलाकात नौशाद से हुई। बस यहीं से बंटी-बबली की जोड़ी ने जन्‍म लिया।

नौशाद की कहानी भी दर्द से भरी है। नौशाद एक गरीब नौजवान है, जिसकी पत्‍नी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। उसके इलाज के लिये डॉक्‍टरों ने लाखों का खर्च बताया है। लाखों की रकम जुटाने के लिये नौशाद बंटी बना।

इन दोनों ने बड़े पैमाने पर चोरी करने की प्‍लानिंग की और फर्जी पैन कार्ड बनवाये। अहमद रज़ा और यासमीन परवीन बनकर दोनों ने ट्रेनों में सफर करना शुरू किया। सूट-बूट में सफर करने वाली इस जोड़ी ने राजधानी एक्‍सप्रेस, दुरंतो, शताब्‍दी, संपर्क क्रांति एक्‍सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनों में लोगों को ठगना शुरू किया और चलती ट्रेनों में चोरियां शुरू कर दीं। दो दर्जन से ज्‍यादा ट्रेनों में हाथ की सफाई दिखाई। लेकिन लगातार मिलीं शिकायतों पर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो एक ही नाम से सफर करने वाले बंटी-बबली के खिलाफ शक गहरा गया। पुलिस ने मंगलवार को दिल्‍ली के शास्‍त्रीनगर से दानों को धर दबोचा।

डीसीपी रेलवे संजय भाटिया ने बताया कि ये दोनो ज्‍यादातर तत्‍काल का टिकट लेकर चढ़ते थे और लंबी दूरी की ट्रेनों में जब रात को बत्‍ती बुझ जातीं, तब अपना काम करते थे। ये लोग अपने साथ खाली बैग लेकर चलते थे, ताकि चोरी किया हुआ सामान आसानी से रख सकें। जब भी कोई बैग चोरी करते, ये उसमें से कीमती सामान निकाल लेते और बाकी फेंक देते। इन दोनों ने दिल्‍ली से बैंगलोर, कोलकाता, रतलाम, जम्‍मू, आगरा, जयपुर , भोपाल, लखनऊ, चेन्‍नई, आदि शहरों तक जाने वाली ट्रेनों पर अपनी हाथ की सफाई दिखाई। इन दोनों ने हाल ही में एक फ्लैट खरीदा है, जिसके लिये 4 लाख रुपए एडवांस भी दे चुके हैं।

खैर हम आपसे सिर्फ इतना कहना चाहेंगे कि ये तो सिर्फ एक जोड़ी है, जो पुलिस के हत्‍थे चढ़ गई। लेकिन सवा करोड़ की आबादी में न जाने कितने लोग ऐसे हैं, जो ट्रेनों में चोरियां, ठगी, आदि करते हैं। अगर आप यह सोच रहे हैं कि आप एसी में सफर कर रहे हैं, तो सुरक्षित हैं, तो ऐसा नहीं है। हमारी हिदायत यही है कि आप उनसे सावधान रहें।

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