घर में घिरे गडकरी, यशवंत और जसवंत भी गडकरी के खिलाफ

राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीजेपी का एक बड़ा हिस्सा (यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह, राम जेठमलानी और गुरुमूर्ति) मौजूदा समय में पार्टी की गतिविधियों से नाखुश है। ये हिस्सा गडकरी का विरोध कर रहा है और उन्हें दोबारा पार्टी अध्यक्ष बनाने के पक्ष में नहीं है। वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान राम जेठमलानी ने कहा है कि उनके बेट ने पार्टी से इस्तीफा देना का जो फैसला लिया है वो सही है। राम जेठमलानी ने कहा कि भाजपा के शिर्ष नेता गडकरी को पद से हटाना चाहते हैं मगर कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा।
राम जेठमलानी ने यह दावा किया है कि यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह और शत्रुघ्न सिन्हा उनके संपर्क में हैं और उन्हें उम्मीद है कि वो भी गडकरी से खुश नहीं हैं। राम जेठमलानी ने कहा कि गडकरी पर उनके रुख का पार्टी में उनका किसी ने विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद मामले के बाद वो नहीं चाहते गडकरी से जुड़े रहना। जेठमलानी के मुताबिक ये व्यक्तिगत मामला नहीं है। जब भी किसी पब्लिक सर्वेंट पर आरोप लगाए जाते हैं तो वो जब तक अपने आप को आरोप मुक्त नहीं कर लेते हैं तब तक के लिए इस्तीफा दे देते हैं।
मालूम हो कि भाजपा के कुछ नेताओं ने राम जेठमलानी की बात से असमती भी जताई है। भाजपा के फायर ब्रांड नेता विनय कटियार ने कहा है कि राम जेठमलानी क्या कहते हैं या क्या नहीं कहते इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता। वहीं पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने जेठमलानी के बयान पर कहा कि अगर वो ऑफिशियल पार्टी के फोरम पर बोलें तब तो प्रतिक्रिया देने की बात भी है। मुझे नहीं लगता की इसपर कोई भी प्रतिक्रिया देना सही है












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