कांग्रेस : नेता सुलभ, ‘स्टार’ दुर्लभ

दरअसल राजनीतिक दलों को अपने स्टार चुनाव प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को भेजनी होती है और यह काम सबसे पहले भाजपा ने किया। यह बात और है कि भाजपा की ओर से भेजी गई सूची में बिहार भाजपा के नेताओं के नाम नहीं होने से विवाद पैदा हुआ, लेकिन कहते हैं न कि नोटिस उसी को मिला करते हैं, जो काम करते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस चुनावों की घोषणा के 16 दिन बाद भी अभी तक अपने स्टार प्रचारकों की सूची तय नहीं कर पाई है।
दो ही विकल्प
आम तौर पर वर्षों से कांग्रेस का यह इतिहास रहा है कि वह पूरी तरह ‘गांधी' पर निर्भर रहती आई है। कभी इंदिरा, तो कभी राजीव और अब सोनिया, राहुल तथा प्रियंका गांधी हैं। वैसे भाजपा का चुनाव प्रचार अभियान भी पूरी तरह मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर केन्द्रित है, लेकिन उसके पास न नेताओं की कमी है और न ही स्टार प्रचारकों की। इसीलिए उसने तो अपने 39 स्टार प्रचारकों की सूची भेज दी, लेकिन शायद कांग्रेस के पास दो ही विकल्प है। कांग्रेस की केन्द्र में सरकार है, दर्जनों केन्द्रीय मंत्री हैं, दर्जनों मुख्यमंत्री हैं और इस तरह देखा जाए, तो कांग्रेस में भी नेताओं की कोई कमी नहीं है। नेता सुलभ हैं, लेकिन शायद स्टार प्रचारक दुर्लभ हैं। इस मामले में कांग्रेस पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर ही निर्भर है। शायद कांग्रेस के पास इनके अलावा या इनसे बड़ा कोई स्टार प्रचारक है भी नहीं, जो मोदी के मुकाबले खड़ा हो सके। आम तौर पर केन्द्र से प्रचार के लिए आने वाले मंत्री या अन्य नेता अक्सर मोदी के मामले में गलतबयानी या उग्र बयान करके उल्टे राज्य कांग्रेस की उलझनें बढ़ा देते हैं।
तैयार की जा रही है सूची - मनीष दोशी
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी से जब इस सम्बंध में पूछा गया, तो उनका कहना था कि कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्दबाजी में नहीं है। अभी काफी वक्त है। प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया दिल्ली गए हुए हैं। उनके लौटने के बाद स्टार प्रचारकों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बसपा आगे, 40 प्रचारक तय
स्टार प्रचारक तय करने के मामले में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा कांग्रेस से आगे रही है। भाजपा के बाद गुजरात से स्टार प्रचारकों की सूची भेजने वाली बसपा दूसरी पार्टी है। इतना ही नहीं बसपा प्रचारकों की संख्या के मामले में भाजपा से भी आगे रही है। उसने अपने 40 प्रचारक तय किए हैं। इनमें मुख्य रूप से मायावती, उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता स्वामीप्रसाद मौर्य, मुख्य सचेतक रामवीर उपाध्याय और उत्तर प्रदेश के विधायक मोहम्मद अतहर खान शामिल हैं।












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