गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिये हटाना पड़ेगा चमड़ा उद्योग: उमा

गंगा यात्रा के 25वें दिन बिठूर में श्री भारती ने कहा कि चमड़ा उद्योग का विवेकपूर्ण समाधान निकालना होगा। गंगा बेसिन आथरिटी की यह जिम्मेदारी है कि वह गंगा केन्द्रीत होकर काम करें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गंगा रहेगी तभी डाल्फिन बचेगी। डाल्फिन को रहने के लिए गंगा में गहराई और अविरलता दोनो चाहिए।
गंगा प्रवाह बाधित होने के चलते डाल्फिन के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। गंगा यात्रा 28 अक्टूबर को गंगोत्री में संपन्न होगी और 20 नवम्बर को दिल्ली में वैज्ञानिकों का बड़ा सम्मेलन होगा जिसमें गंगा प्रदुषण का वैज्ञानिक हल तलाशा जाएगा। 2 दिसम्बर कोमानव श्रंखला गंगा के हर घाट पर बनाई जाएगी। उमा श्री ने कहा कि अविरलता का मतलब बांध तोड़ना नही है लेकिन बिना देरी किए हर बांध से एक घारा अविरल रहे यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उमा श्री ने जोर देकर कहा कि देश की हर नदी पर व्यवासायिक गतिविधियां दिनोदिन बढ़ती जा रही है, कम से कम गंगा को इससे मुक्त रखा जाना चाहिए।












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