पीएम ने कभी भी गुजरात की कद्र नहीं की: मोदी

गौरतलब है कि साल 2002 में गुजरात दंगो के बाद ब्रिटेन ने गुजरात के साथ विदेशी निवेश पर कोई साझेदारी नहीं की थी लेकिन अब वो गुजरात में दिल खोलकर निवेश करना चाहता है जिसकी पहल पर मोदी ने पहले ट्विटर पर लिखा था कि मैं गुजरात के साथ सक्रिय साझेदारी और रिश्तों के ब्रिटिश सरकार के कदम का स्वागत करता हूं। भगवान महान है। आज ब्रिटिश सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला किया। देर आए दुरुस्त आए। गुजरात में आज सबसे ज्यादा निवेश ब्रिटेन का है।
लेकिन केन्द्र सरकार की ओर से कभी भी गुजरात को शाबाशी नही दी गयी, हमेशा उससे दोहरा बर्ताव किया गया।मोदी ने कहा, कि दिल्ली में सौ देशों के नेता एक मंच पर एक साथ नहीं आए। लेकिन ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट' में 120 से ज्यादा देशों के नेता एक साथ आए हैं। मोदी ने साफ कही कि अगर केन्द्र सरकार हमारे साथ होती तो भारत का नाम बहुत ऊंचा होता और गुजरात की जनता को वे दिक्कतें नहीं सहनी पड़ती जो वह आज सह रही है।












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