भाजपा के पास गडकरी के अलावा कोई ऑप्‍शन भी नहीं?

Nitin Gadkari
भारतीय जनता पार्टी ने नितिन गडकरी को एक बार फिर अध्‍यक्ष बनाने के लिये अपने सारे नियम कानून बदल डाले। आप सोच सकते हैं भाजपा ने ऐसा क्‍यों किया? इसका सीधा जवाब है- भाजपा के पास गडकरी के अलावा कोई ऑप्‍शन भी नहीं है। जिन तथ्‍यों के आधार पर हम यह बात कह रहे हैं, वो इस प्रकार हैं-

1. संघ के आगे बोलती बंद

जैसा कि सभी जानते हैं कि भाजपा की गतिविधियों पर आरएसएस यानी संघ की पूरी नजर रहती है और जिस समय भाजपा पूरी तरह बिखरने की कगार पर थी, तब संघ ने गडकरी को खेवनहार के रूप में भेजा। इसमें कोई शक नहीं कि गडकरी ने पार्टी को एक नई दिशा दी और दोबारा से मजबूत बनाया। यही कारण है कि संघ गडकरी पर बहुत ज्‍यादा विश्‍वास भी करता है। संघ ही है, जिसने उन्‍हें दोबारा राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष बनाने की बात कही है और संघ की खिलाफत कोई नहीं कर सकता।

2. हर कोई बनना चाहता है पीएम

भाजपा में शीर्ष नेताओं की बात करें तो लाल कृष्‍ण आडवाणी आज भी खुद को पीएम इन वेटिंग मानते हैं। नरेंद्र मोदी को संघ ने पीएम पद का प्रत्‍याशी बनाना लगभग तय मान लिया है। वहीं सुषमा स्‍वराज, अरुण जेटली, राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्‍ठ नेता खुद को पीएम की रेस में लाना चाहते हैं। ऐसे में गडकरी ही एक मात्र व्‍यक्ति बचते हैं, पार्टी के जहाज को आगे बढ़ाने के लिये।

3. राजनाथ सिंह का बुरा कार्यकाल

यह सभी जानते हैं कि राजनाथ सिंह के कार्यकाल के दौरान पार्टी में जितनी ज्‍यादा गुटबाजी हुई, उतनी कभी नहीं हुई। यही गुटबाजी यूपी विधानसभा तक जारी रही, जिसकी वजह से पार्टी को मुंह की खानी पड़ी। गडकरी गुटबाजी बर्दाश्‍त नहीं करते। यही नहीं गडकरी परिवारवाद को भी पार्टी में हावी नहीं होने देते हैं। इसका प्रत्‍यक्ष उदाहरण उनका येदियुरप्‍पा को इशारों-इशारों में पार्टी अध्‍यक्ष नहीं बनाना है।

4. जमीन से जुड़े व्‍यक्ति

नितिन गडकरी भले ही एक धनाड्य परिवार से हैं, लेकिन आज भी वो जब कार्यकर्ताओं के साथ चलते हैं, तो पार्टी अध्‍यक्ष के रूप में नहीं बल्कि कार्यकर्ता के रूप में। उनका व्‍यक्तित्‍व ही है, जो पार्टी कार्यकर्ताओं को बांध कर रखे हुए है। एक साधारण संघ कार्यकर्ता से अध्‍यक्ष पद तक पहुंचने वाले गडकरी हर स्‍तर के नेताओं को गहराई से समझते हैं।

5. पार्टी के अंतिम व्‍यक्ति तक पैठ

गडकरी की एक खासियत यह भी है कि वो पार्टी के अंतिम व्‍यक्ति तक से खुद को बांध कर रखना चाहते हैं। यह बात भाजपा अंत्‍योदय प्रोष्‍ठ के संयोजक विनोद तिवारी की इस बात से साबित होती है- गडकरी जी जब भी लखनऊ आते हैं, एक-एक कार्यकर्ता से सीधी बात करते हैं। उन्‍हें देखकर हमारे कार्यकर्ताओं की ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है। वे देश के हर राज्‍य की इकाईयों को जोड़ कर रखने के प्रयास में रहते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+