देखें लखनऊ में ग्राम प्रधानों को कैसे पीटा यूपी पुलिस ने

लखनऊ। अपने अधिकारों की मांग को लेकर एकजुट हुए ग्राम प्रधानों ने बुधवार की दोपहर विधान भवन पर प्रदर्शन किया। विधान भवन के भीतर घुसने का प्रयास कर रहे ग्राम प्रधानों को रोकने के लिए जब पुलिस ने बल प्रयोग किया तो वह पुलिस से भिड़ गए। ग्राम प्रधानों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने लाठी चार्ज किया। लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ हुई जिसमें कई ग्राम प्रधान घायल हो गए।

बुधवार की दोपहर करीब दो बजे प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए ग्राम प्रधानों ने विधान भवन पर डेरा डाल दिया। शुरूआत तो शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से हुई लेकिन जैसे-जैसे उनकी संख्या बढ़ती गयी ग्राम प्रधानों का गुस्सा भी बढ़ता चला गया। देखते ही देखते प्रधान उग्र हो गए और विधान भवन में घुसने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास तो किया लेकिन संख्या अधिक होने के कारण पुलिस अधिक देर तक उन्हें रोक नहीं सकी।

जब पुलिस को लगा कि वह प्रधानों को विधान भवन में घुसने से नहीं रोक पाएगी तो अधिकारियों ने लाठीचार्ज का आदेश दे दिया फिर क्या था पुलिस वालों ने प्रधानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा पीटे जाने से विधान भवन के सामने अशोक मार्ग पर भगदड़ मच गयी। प्रधान इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही देर में विधान भवन के गेट खाली हो गया लेकिन प्रधानों ने रोड जाम कर दिया।

प्रति माह वेतन की मांग

प्रति माह वेतन की मांग

किसानों की मांग थी कि उन्हें प्रतिमाह वेतन दिया जाए और उनके अधिकार वापस किए जाएं। ज्ञात हो कि सरकार ने ग्राम प्रधानों के खातों आदि को बंद कर दिया है और अब विभिन्न योजनाओं के तहत आने वाले धन को खर्च करने के लिए अलग-अलग कमेटियां हैं जो मिलकर उस धन को खर्च करेंगी। अपने अधिकारों को कम होता देख ग्राम प्रधान आक्रोषित हो गए जिसका परिणाम बुधवार को विधान भवन के सामने देखने को मिला।

उग्र हुआ प्रदर्शन

उग्र हुआ प्रदर्शन

प्रधानों के गुस्से को भड़काने में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के उस बयान ने आग में घी का काम किया जिसमें उन्होंने कहा कि अब वह प्रधानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगे।

पुलिस ने भांजी लाठियां

पुलिस ने भांजी लाठियां

जिस समय प्रधानों का गुस्‍सा भड़क गया, पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने विधानसभा मार्ग पर किसानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

किसान-पुलिस में संघर्ष

किसान-पुलिस में संघर्ष

इस संघर्ष में ग्राम प्रधानों के साथ सैंकड़ों किसान भी आये थे। इस कारण किसानों और पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ।

अपने अधिकारों की बात करने आये थे

अपने अधिकारों की बात करने आये थे

ज्ञात हो कि रांची में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानों से पूछा था कि नयी सरकार बनने के बाद प्रधानों को क्या अधिकार मिला है। जिसके जवाब में सभी ने सिर झुकाकर कहा था कि कोर्ई अधिकार नहीं मिला। गौरतलब रहा कि किसानों के हितों की बात करने वाली सपा सरकार को कोई भी अधिकारी उस वक्त बाहर नहीं आया जब प्रधान सड़क पर पीटे जा रहे थे।

दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

पुलिस ने ग्राम प्रधानों व उनके समर्थकों को विधानसभा मार्ग पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

पुलिस ने पकड़-पकड़ कर पीटा

पुलिस ने पकड़-पकड़ कर पीटा

यहां पुलिस के सामने जो भी आया, उसे पकड़ कर पीट डाला।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+