मुंबई के युवा मुझे प्रेरित करते हैं: बराक ओबामा

संयुक्त राष्ट्र में अपने चौथे और संभवत: अंतिम भाषण के दौरान ओबामा ने कहा कि मुझे एक राजनेता की जगह आम लोग ज्यादा प्रेरित करते हैं। उन्होने कहा कि दुनिया भर में रहने वाले लोगों के सपने लगभग एक जैसे होते हैं। जर्कार्ता, सिओल और रियो में रहने वाले युवा अपने ज्ञान का उपयोग मानवता की भलाई के लिए करते हैं जबकि मुंबई के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में नयी उम्मीदें दिखाई देती हैं। टेलीविजन पर दिखाये जाने वाले लोग और आम आदमी मुझे यह बताते हैं कि दुनिया भर में रहने वाले ज्यादातर लोगों के सपने एक जैसे ही होते हैं।
अपने राष्ट्रपति के कार्यकाल के बारे में ओबामा ने कहा कि इन चार सालों में काफी प्रगति हुई है। उन्होने कहा कि ईराक में युद्ध अब समाप्त हो चुका है और अमेरिकी सेनाएं वहां से वापस आ रही हैं। इसके अलावा आतंकवादी संगठन अलकायदा अब कमजोर हो चुका है उसका नेता ओसामा बिन लादेन मारा जा चुका है। अफगानिस्तान से भी 2014 तक अमेरिकी सेनाएं वापस आ जायेंगी। अमेरिका और रूस अपने हथियारों का जखीरा कम कर रहे हैं। अब हमारी कोशिश शक्ति को आमआदमी के हाथों में सौंपने की होनी चाहिए।
ओबामा ने आर्थिक संकट के बारे में कहा कि आर्थिक संकटों ने विश्व को एक मंच पर ला कर खड़ा कर दिया है। ऐसे में अब विकसित देशों को उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के साथ सामंजस्य बिठाकर समस्या से पार पाना चाहिए।
उन्होने अपने भाषण के अन्त में कहा कि लीबिया में हिंसा का शिकार हुए अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवंस की हत्या में न्याय जरूर होगा।












Click it and Unblock the Notifications