कसाब ने प्रणव से कहा, मुझे फांसी मत दो

अब कसाब की दया याचिका पर राष्ट्रपति के फैसले का इंतजार है। अभी कुछ दिन पहले गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा था कि अगर कसाब दया याचिका दायर करता है, तो उसको जल्दी ही निपटा दिया जाएगा। इससे पहले पी चिदंबरम ने कहा था कि राष्ट्रपति के पास पहले से ही 39 लोगों का माफी पत्र पड़ा है। इसे देखते हुए कसाब का माफीनामा राष्ट्रपति के बाद काफी बाद में आएगा।
मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे, और एकमात्र पाकिस्तानी आतंकी कसाब गिरफ्तार हुआ था। कसाब को बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा फांसी का सजा सुनाई जा चुकी है। उसको 29 नवंबर 2011 में जस्टिस आफ्ताब आलम और सीके प्रसाद की खंडपीठ ने सजा सुनाई थी। सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा था कि कसाब को मृत्युदंड देने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।
सजा पर कसाब की दलील थी कि उम्र देखते हुए फांसी की सजा न दी जाए। इसपर कोर्ट ने कहा था कि कसाब ने भारत की संप्रभुता को चुनौती दी है, भारत के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया है, उसके जुर्म को देखते हुए उसको फांसी की सजा ही दी जानी चाहिए।












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