स्कूल में टॉयलेट भी अकेली नहीं जायेंगी छात्राएं

एसोसिएश ने आए दिन स्कूलों में छात्र-छात्राओं के यौन शोषण के मामले सामने आने के बाद ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का फैसला लिया है। अब कैंपस में नर्सरी से लेकर बारहवीं तक की छात्राओं को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। यही नहीं बस स्टॉप पर भी जब तक पैरेंट्स नहीं आ जाते छात्राएं टीचर की निगरानी में रहेंगी।
जिले में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के साथ सीबीएसई व हरियाणा विद्यालय स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूल हैं। शिक्षक ही नहीं बल्कि स्कूल में कार्यरत अन्य कर्मियों की गतिविधियों पर पैनी नजर होगी। टॉयलेट भी छात्रों को अकेला नहीं भेजा जाएगा। इनके साथ स्कूलकर्मी की ड्यूटी लगाई जाएगी। बस ड्राइवर और सहयोगियों की गतिविधियों के बारे में छात्रों से स्कूल संचालक नियमित पूछताछ करेंगे।
अभिभावक एकता मंच की जिलाध्यक्ष एन एल जांगिड़ ने कहना है कि अभिभावकों की चिंता जायज है। स्कूल अपनी जिम्मेवारी से पीछा नहीं छुड़ा सकता है। सवाल बच्चों की सुरक्षा का है। अभिभावकों के साथ शिक्षकों व अन्य कर्मियों की बैठक होनी चाहिए। इसमें बच्चों की समस्या और इसके व्यवहार पर बातचीत हो, ताकि अगर किसी तरह की परेशानी है तो इसका समाधान हो सके।












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