आरुषि हत्याकांड: खून से सने पैरों के निशान मिटाए गए

aarushi talwar
गाजियाबाद। आरूषि हत्याकांड मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालत में राजेश तलवार के एक सहकर्मी और गवाह ने बुधवार को बताया कि छत की सीढि़यों से पैरों के निशान मिटाए गए थे। उन्‍होंने कहा कि निशान लाल रंग के (खून जैसे) थे, और ऐसा लगता है कि उसको मिटाया गया था। तलवार के सहयोगी रोहित कोचर इस केस में सीबीआई के नए गवाह के रूप में पेश हुए।

इस केस में कोचर से पहले 7 गवाह पेश हो चुके है, और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 5 गवाहों से पूछताछ की जानी बाकी है। कोचर ने बताया कि इस हत्‍याकांड के कारण 16 मई 2008 को राजेश तलवार के घर पर काफी भीड़ लगी हुई थी। राजेश तलवार अपने सहयोगी राजीव कुमार वार्ष्णेय के साथ लगभग आधे घंटे बाद पहुंचे। कोचर ने कहा कि वार्ष्णेय ने उनसे कहा था कि वह गलती से घर के छत पर गया था। वहां का दरवाजा बंद था, और सीढि़यों पर तथा दरवाजे के हत्‍थे पर खून के निशान थे।

वार्ष्‍णेन ने बताया कि वह भी उनके साथ ऊपर गए थे। ऐसा लग रहा था कि निशान को पोछा गया हो। गौरतलब है कि इससे पहले तलवार के सहयोगी और सीबीआई के गवाह डेंटिस्‍ट राजीव कुमार वार्ष्‍णेय ने सीबीआई की विशेष अदालत में गवाही दी थी कि उन्‍होंने अपार्टमेंट की छत पर खून के धब्‍बे देखे थे। उस समय छत का दरवाजा बंद था। इसी दिन आरूषि की मौत हुई थी।

घरेलू नौकर हेमराज का शव अगले दिन छत पर पाया गया था। इससे पहले आरूषि-हेमराज हत्‍याकांड में सीबीआई की अदालत में तलवार दंपति के एक पड़ोसी ने गवाही देते हुए कहा था कि हत्‍या से पहले उन्‍होंने कभी छत का दरवाजा बंद नहीं देखा था। जिस दिन हत्‍या हुई, उस दिन कार चालक छत की चाबी ढूंढ रहा था। आरूषि की हत्‍या के दिन छत का दरवाजा बंद था।

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