गोरखपुर में जूनियर डाक्टरों की हड़ताल, भागने लगे मरीज

हड़ताल के दूसरे दिन जूनियर डाक्टरों ने आज भी काम नहीं किया। जूनियर डाक्टरों के काम न करने से मरीज दिन भर परेशान रहे तथा दिमागी बुखार से दस मरीजों की जान चली गयी। हड़ताल के चलते मेडिकल कालेज की स्थिति बिगडऩे लगी है तथा मरीज चिकित्सालय छोड़कर भाग रहे हैं। चिकित्सालय प्रशासन के सामने बैकफुट पर जाने के सिवाय कोर्ई रास्ता नहीं रह गया है।
दूसरी ओर जिलाधिकारी ने जूनियर डाक्टरों द्वारा पत्रकारों को पीटे जाने की घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिये हैं।
गोरखपुर मेडिकल कालेज प्रशासन व जिला प्रशासन जूनियर डाक्टरों के रवैये से काफी परेशान हैं। ज्ञात हो कि मंगलवार को दिमागी बुखार से पीडि़त एक बच्चे की मौत हो गयी थी। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया तथा जूनियर डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
पत्रकार घटना की कवरेज करने पहुंच गए। पत्रकारों द्वारा घटना के बाबत पूछताछ व फोटोग्राफी किए जाने पर जूनियर डाक्टर भड़क गए। डाक्टर नहीं चाहते थे कि घटना की कवरेज हो जिसे लेकर वह मारपीट पर उतारू हो गए। दोनो के बीच हुए संघर्ष में दो छायाकार सहित 12 पत्रकार बुरी तरह से घायल हो गये।
पत्रकारों ने पुलिस से शिकायत की और दबाव बनाया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही हो। इसकी जानकारी जैसे ही चिकित्सकों को लगी उन्होंने हड़ताल का एलान कर दिया। जूनियर डाक्टरों की हड़ताल के बाद मेडिकल कालेज में भर्ती मरीजों की परेशानी बढ़ गयी। दूसरे दिन भी हड़ताल रहने से परेशान परिजन अपने मरीजों को लेकर दूसरे अस्पतालों में जा रहे हैं।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. के.पी. कुशवाहा ने दावा किया कि वरिष्ठ चिकित्सकों ने सभी इमरजेंसी सेवाएं संभाल ली हैं और काम काज उचित प्रकार चल रहा है। पुलिस प्रशासन ने गोरखपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष एस.पी. सिंह के तहरीर पर चार नामजद सहित 12 डाक्टरों पर गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा कायम कर लिया है। डाक्टरों की हड़ताल के बाद मेडिकल कालेज परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।












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