रूठे मंत्रियों को मनाने में व्यस्त हैं अखिलेश

श्री तिवारी ने कहा कि मंत्रिमण्डल के वरिष्ठ सदस्य द्वारा बैठक में अधिकारियों को अपमानित करने के साथ ही बैठक निरस्त कर देना, फाइलें न देखना व नियम कानूनों से ऊपर जौहर विश्वविद्यालय की अपनी शर्तों पर स्वीकृति के लिए आये दिन नाराजगी जाहिर करना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार का इकबाल समाप्त हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में कई सत्ता केन्द्र होने के कारण प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट के वरिष्ठ सहयोगियों की नाराजगी दूर करने में ही हलकान है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार के पिछले पांच माह से अधिक के कार्यकाल में कानून व्यवस्था में निरन्तर गिरावट आयी है। कानून व्यवस्था की बदहाली की हद यह है कि पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में कानपुर में डिग्री कालेज के शिक्षकों को गुण्डे कोतवाली में बुरी तरह पीटते हैं।
लखनऊ में विश्वविद्यालय की पुलिस चौकी में शिकायत करने गये छात्र को जान से मारने की धमकी दी जाती है और इलाहाबाद में गरीब के सीने पर मोटर साइकिल चढ़ा दी जाती है। वहीं चौबीस घंटे बिजली देने के वादे विपरित हाल यह है कि बिजली आपूर्ति की समस्या से पूरा प्रदेश त्रस्त हैं। वहीं किसानों को खाद ब्लैक में खरीदनी पड़ रही है और इतने ही नहीं खाद के लिए व बाढ़ राहत के लिए तथा बेरोजगारी भत्ता फार्म जमा करने के लिए पूवी उत्तर प्रदेश में किसानों को तथा बेराजगार युवकों को पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ी।
उधर प्रदेश की सड़कों की बदहाली का आलम यह है कि बदहाल सड़कों के खिलाफ लखनऊ में जज को हजरतगंज में मुकदमा लिखना पड़ा तो वाराणसी में पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि बनारस की सड़कों की खराब सीमा की स्थिति नहीं है। भाजपा नेता का कहना है कि प्रदेश में विकास कार्य न हो पाने के पीछे मूल कारण प्रदेश मंत्रिमण्डल में सामूहिक जवाबदेही की भावना का उत्तरदायित्व का अभाव है।












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