असम में फिर भड़की हिंसा, लगा अनिश्चितकालीन कर्फ्यू

बक्सा जिले में कार जलाये जाने और उसके चालक के लापता होने के कारण से गुस्साए लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 पर जाम लगाकर जमकर किया। यह जिला आदिवासी बोडो और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच हुई हिंसा से अभी तक अछूता था। दोनों वर्गो के संघर्ष की चपेट में अब तक कोकराझार, चिरांग, धुबरी और बाक्सा जिले आए है। अभी तक इस हिंसा में 77 लोगों की मौत हो चुकी है।
गौरतलब है कि इससे पहले मुंबई के आजाद मैदान में असम हिंसा के विरोध में प्रदर्शन कर रही भीड़ खुद हिंसक हो गयी थी। वहां मौजूद लोगों ने जमकर उपद्रव किया था, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और कई लोग जख्मी हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कई गाडियों को आग के हवाले कर दिया था। उन्होंने मीडिया को भी निशाना बनाया और कई टीवी चैनलों के ओवी वैन को भी आग के हवाले कर दिया था। इस घटना में कई पत्रकार और कैमरामैन घायल हुए थे।
उस समय म्यामार और असम में हुई हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा था। उसी दौरान कुछ लोगों ने बेकाबू होकर हिंसा की घटना को अंजाम दे दिया। उपद्रवियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। पुलिस ने फायरिंग और लाठीचार्ज कर भीड़ पर नियंत्रण पाया था।












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