सुनीता विलियम्स ने अमेरिकी अंतरिक्ष यान से लहराया तिरंगा

उन्होंने कहा कि मैं आधी भारतीय हूं क्योंकि मेरे पापा गुजराती है। मैं भारतीय संस्कृति और सभ्यता से परिचित हूं। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को वहां से प्रदर्शित किया। सुनीता की भगवद गीता और गणपति भगवान में बहुत श्रद्धा है। वह अंतरिक्ष में अपने साथ भगवद गीता की और गणेश जी की मूर्ति साथ लेकर गयी है। इन सब बातों से ऐसा लगता है कि सुनीता को भारत से बेहद प्यार है।
सुनीता ने अपने संदेश में कहा कि मैं अतंरिक्ष में ही भारत की आजादी का जश्न मना रही हूं। सुनीता रूस की यूरी मालेनचेंको और जापान के अकीहिको होशिदे के साथ 15 जुलाई को बैकानूर प्रक्षेपण स्थल से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुई थीं। गौरतलब है कि नासा की 46 वर्षीय अंतरिक्षयात्री सुनीता, रूस के सोयूज के कमांडर यूरी मलेनचेनको और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के फ्लाइट इंजीनियर अकिहिको होशिदे दो दिन तक अंतरिक्ष की कक्षा में रहने के बाद 17 जुलाई मंगलवार को आईएसएस पहुंची थी।












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